दमोह।कलेक्टर श्री कोचर ने तहसीलदारों को क्षेत्र अनुसार पर्यवेक्षक के रूप किया नियुक्त

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दमोंह/भारत सरकार और राज्य सरकार की चिन्हित हितग्राही मूलक योजनाओं में शत-प्रतिशत सेचुरेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 11 दिसम्बर से 26 जनवरी 2025 तक मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने तहसीलदारों को क्षेत्र अनुसार पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया है।
            कलेक्टर श्री कोचर ने तहसीलदार दमोह मोहित जैन को नगर पालिका दमोह एवं हिण्डोरिया के लिये, तहसीलदार दमयंती नगर रॉविन जैन को संपूर्ण ग्रामीण क्षेत्र जनपद पंचायत दमोह के लिये, तहसीलदार पटेरा शैलेन्द्र बिहारी शर्मा को जनपद पंचायत पटेरा, नगर परिषद पटेरा के लिये, तहसीलदार हटा प्रवीण त्रिपाठी को जनपद पंचायत हटा, नगर पालिका हटा के लिये, तहसीलदार बटियागढ़ योगेन्द्र चौधरी को जनपद पंचायत बटियागढ़ के लिये, तहसीलदार पथरिया दीपा चतुर्वेदी को जनपद पंचायत पथरिया, नगर परिषद पथरिया के लिये, तहसीलदार तेन्दूखेड़ा विवेक व्यास को जनपद पंचायत तेन्दूखेड़ा, नगर परिषद तेन्दूखेड़ा के लिये एवं तहसीलदार जबेरा सोनम पाण्डेय को  जनपद पंचायत जबेरा के लिये पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
            कलेक्टर श्री कोचर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के सुचारू क्रियान्वयन हेतु राज्य शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु जिले के समस्त ग्रामों/वार्डों में सर्वे एवं शिविरों के आयोजन निर्धारित समय सीमा में कराये जाने के लिए क्षेत्र स्तर पर सतत् निगरानी, पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण किया जाना सुनिश्चित किया जाये एवं सर्वे तथा शिविरों की अद्यतन स्थिति से अनुविभाग स्तरीय नोडल अधिकारी (अनुविभागीय अधिकारी (रा.) को सतत् रूप से अवगत कराया जाये।दमोंह ब्यूरों चीफ/अर्जुन सिंह लोधी

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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