बीना।अड़ीबाजी कर पैसे मांगने वाले आरोपी को पुलिस ने भेजा जेल*

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बीना ।आरोपी ट्रेन से कट कर आत्म हत्या की दे रहा था धमकी, पुलिस ने तलाश कर तत्काल पकड़ा*
आरोपी अपनी पत्नी, बच्चों, माता पिता और बड़े भाई को करता है परेशान शराब के लिए पैसे नहीं देने पर घर वालों के साथ करता मारपीट और आत्महत्या करने की देता था धमकी आरोपी की पत्नी और बच्चे परेशान होकर घर से भागे, पिता है गंभीर बीमार*
आरोपी शराब पीने का आदि, पूर्व मे कई बार दे चुका आत्म हत्या करने की धमकी*

अपराध क्र. 96/25
धारा 296, 115(2), 119(1), 351 (2) बीएनएस

घटना स्थल- फरियादी के घर के सामने गुप्ता गार्डन ग्राम गुलौआ थाना बीना

फरियादी करन अहिरवार पिता रामदास अहिरवार उम्म्र 42 साल निवासी ग्राम गुलौआ

आरोपी-अरविन्द अहिरवार निवासी ग्राम गुलौआ

विवरण _ फरियादी ने रिपोर्ट किया कि मैं ठेकेदारी का काम करता हूं। मैं अपने परिवार व अपने भाई से अलग रहता हूं। आज दिनांक 12/02/24 के 10.30 बजे की बात है मैं अपने घर के बाहर बैठा था तभी मेरा छोटा भाई अरविन्द अहिरवार आया और मुझसे कहने लगा कि तुम मुझे शराब पीने के लिये 1000 रूपये दो तो मैने कहा कि तुम पिता जी को भी गाली गुफ्तार करते रहते हो और शराब के नशे में रहते हो। मैं तुम्हे शराब पीने के लिये पैसे नहीं दूंगा तो इसी बात पर से अरबिन्द मुझे मां बहिन की गंदी गंदी गालियां देने लगा मुझे लात घूंसों से मारपीट करने लगा जिससे मुझे बायें गाल, दाहिने हाथ की कलाई में मुंदी चोट आई है।
रिपोर्ट पर अपराध कायम कर आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया गया आरोपी को जेल भेज दिया गया
गिरफ्तार आरोपी-अरविन्द पिता रामदास अहिरवार उम्र 40 वर्ष निवासी ग्राम गुलौआ
टीम _ ASi ओमकार सिंह , प्र आर अजय राजपूत, प्र आर जागेश्वर, आर दिलीप कुर्मी, आर राजेंद्र सिंह, आर अजय मालवीय, आर अर्पित मिश्रा, आर बृजेंद्र सिंह, आर दीप सिंह भदौरिया का योगदान रहा

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।