श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर में कन्या भोज का आयोजन

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श्री खेड़ापति संकट मोचन हनुमान मंदिर पर हनुमान अष्टमी के पावन पर्व पर पूजन पाठ के साथ विशाल कन्या भोज का धार्मिक आयोजन हुआ संपन्न-महेश जैन-मोहन बड़ोदिया श्री खेड़ापति सरकार भक्त मंडल के तत्वावधान में मोहन बड़ोदिया के अतिप्राचीन श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर पर शुक्रवार को हनुमान अष्टमी का धार्मिक पर्व बड़े उत्साह एवं भक्ति के साथ मनाया गया, सुबह से श्री खेड़ापति हनुमान जी महाराज का आकर्षक श्रृंगार कर एक विशाल कन्या भोज भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमे मोहन बड़ोदिया की महर्षि आर्य कन्या गुरुकुल की समस्त कन्या सहित नगर की समस्त शासकीय और अशासकीय विद्यालयों की कन्याओं ने भंडारे में प्रसादी ग्रहण की, बता दे श्री हनुमान अष्टमी पर वीर हनुमान मंदिर बावड़ी, भक्तराज पुष्प वाटिका हनुमान मंदिर, थाना परिसर स्थित श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर सहित समस्त मंदिरों में आकर्षक श्रृंगार कर सुंदरकांड का पाठ श्री हनुमान चालीसा का पाठ कर महाआरती की गई व प्रसादी वितरण भी किया गया । मंदिर के पुजारी मनोहर बैरागी ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 1000 से 1500 कन्याओं ने भंडारे में भोजन प्रसादी ग्रहण की.

मोहन बड़ोदिया

श्री खेड़ापति सरकार भक्त मंडल के तत्वावधान में मोहन बड़ोदिया के अतिप्राचीन श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर पर शुक्रवार को हनुमान अष्टमी का धार्मिक पर्व बड़े उत्साह एवं भक्ति के साथ मनाया गया, सुबह से श्री खेड़ापति हनुमान जी महाराज का आकर्षक श्रृंगार कर एक विशाल कन्या भोज भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमे मोहन बड़ोदिया की महर्षि आर्य कन्या गुरुकुल की समस्त कन्या सहित नगर की समस्त शासकीय और अशासकीय विद्यालयों की कन्याओं ने भंडारे में प्रसादी ग्रहण की, बता दे श्री हनुमान अष्टमी पर वीर हनुमान मंदिर बावड़ी, भक्तराज पुष्प वाटिका हनुमान मंदिर, थाना परिसर स्थित श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर सहित समस्त मंदिरों में आकर्षक श्रृंगार कर सुंदरकांड का पाठ श्री हनुमान चालीसा का पाठ कर महाआरती की गई व प्रसादी वितरण भी किया गया । मंदिर के पुजारी मनोहर बैरागी ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 1000 से 1500 कन्याओं ने भंडारे में भोजन प्रसादी ग्रहण की.

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।