बीना। सामान्य तौर पर राष्ट्रीय पर्वों पर पूर्वमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रभुसिंह ठाकुर के निवास पर कांग्रेसीजन ध्वजारोहण करते आए हैं। ब्लॉक कांग्रेस का यह आयोजन पूर्वमंत्री के निवास पर किया जाता रहा है। इसके अलावा उमा नवैया जब महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष थी तो ध्वजारोहण शास्त्री वार्ड स्थित उनके निवास पर किया जाता था।
जो बनता है अध्यक्ष उसी का घर बन जाता है कांग्रेस का कार्यालय
महेन्द्र सिंह ठाकुर जब शहर कांग्रेस के अध्यक्ष बने तब ध्वजारोहण उनके निवास वीरसावरकर वार्ड में किया जाने लगा। कुल मिलाकर जो भी अध्यक्ष बना या रहा तिरंगा झंडा उसी के निवास पर कार्यालय मानकर चढ़ाया गया। किंतु इस बार गणतंत्र दिवस समारोह जो विधायक निर्मला सप्रे के कार्यालय में आयोजित किया गया उसके दो कार्ड चर्चा का विषय बने हुए हैं।
एक कार्ड में चार अतिथि तो दूसरे में 33


दरअसल में गणतंत्र दिवस समारोह विधायक कार्यालय में सामूहिक रूप से ब्लॉक एवं शहर कांग्रेस कमेटी सहित सभी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ मनाया जाना तय किया गया था जिसके लिए आमंत्रण पत्र छपवाया गया। इस आमंत्रण पत्र में मुख्य अतिथि विधायक निर्मला सप्रे, कार्यक्रम अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इंदर सिंह यादव, विशिष्ट अतिथि पूर्वमंत्री प्रभुसिंह ठाकुर, इंदर सिंह ठाकुर, मनोहर राय और राकेश सिंघई के नाम छापे गए थे। जबकि विशेष अतिथियों में लगभग 33 नाम छापे गए। इनमें सांसद के दावेदार पीपी नायक सहित और भी नाम शामिल हैं। किंतु इसके बाद इसी कार्यक्रम का दूसरा आमंत्रण पत्र भी सामने आया जिसमें पहले कार्ड में छपे सभी 33 विशेष अतिथियों के नाम हटा दिए गए थे। यह जनचर्चा का विषय है कि आखिर कांग्रेस के दो प्रकार के आमंत्रण पत्र क्यों छापे गए।

