बीना ने रचा इतिहास : एक लाख श्रद्धालु उमड़े सडक़ों पर : राम नाम महाराज की उतारी आरती

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डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु जुटे : रामनाम महाराज का बजा डंका
राम सरिस बरु दुलहिन सीता, समधी दशरथ जनक पुनीता

बीना/शहर में विवाह पंचमी को बड़े ही धूमधाम एवं राजसी वैभव के बीच प्रभु श्रीराम की विशाल चक्रवर्ती महाबारात का आयोजन किया गया। सूर्य चिन्ह, ध्वज धारक, अखाड़े, हाथी, घोड़े, ऊंट, पालकी, झांकियों के बीच माता सिया को ब्याहने रथ पर सवार होकर चलते प्रभु श्री राम का वैभव देखते ही बन रहा था। महाबारात में डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। महाबारात का स्वागत अलग-अलग विधायक निर्मला सप्रे ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ एवं कांग्रेस नेता पीपी नायक ने जेसीबी मशीन पर चढक़र फूल बरसाकर किया।
बीना। श्रीराम बारात में भगवान के 24 सूर्य चिन्ह के साथ करीब 300 राजसी वेशभूषा में केसरिया ध्वज लेकर राजसेवक सैनिक पैदल चल रहे थे। सज धज कर ऊंट, हाथी एवं घोड़े चल रहे थे। घुड़सवारों की टोली व भगवान राम, शिव, हनुमान सहित रावण का परिवार भी राजसी बारात में शामिल था। इसके अलावा विभिन्न देवी देवताओं की झांकियां, दर्जनों राजशाही रथ, कर्तव्य दिखाते अखाड़े, विंद्रावन रास लीला, शिव अघोरी नृत्य, नृत्य करते घोड़े, कालिका नृत्य,पंचमुखी हनुमान भी महाबारात में शामिल थे। इसके अलावा बग्गियों में लगी झांकियां, बैंड पार्टी से वातावरण धर्ममय हो रहा था जो लोगों को महाबारात की ओर खींच रहा था। इसके अलावा महाकाल भक्त मंडल, भूत मंडली सहित महिला मंडल सिर पर मंगल कलश को रखे हुए मंगल गान करती हुई चल रही थी। महाबारात में 4 तोपों से पुष्प वर्षा की जा रही थी। इसके अलावा उड़ते हुए हनुमान लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए थे। महाराष्ट्र से आई महिलाओं की ढोल पार्टी में महिला कलाकार 3 ढोल पर खड़े होकर डोल बजा रही थी। साथ ही मालवा का लोक नृत्य, गुजराती दांडिया, साउथ डॉस, राजशाही पालकी, कहार, नवग्रह आदि भी आकर्षण का केंद्र रहे। महाबारात के बाद प्रभु श्रीराम एवं माता सीता का विवाह खिरिया वार्ड स्थित राम नाम मंदिर में आयोजित हुआ। विवाह के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान की पांव पखराई की। साथ ही भंडारे में शामिल हुए। यहां वैवाहिक कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। जिसमें विवाह की सभी रश्मों के बीच भगवान का विवाह संपन्न हुआ। विवाह कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने जमकर बधाई नृत्य किया।
गुरुजी ने दिया भक्तों को आशीर्वाद
महाबारात सुबह करीब 11 बजे रामनाम महाराज पंडित हरदेव प्रसाद टोंटे के मार्ग दर्शन में रामनाम मंदिर से प्रांरभ हुई। घोड़ों के रथ पर गुरुजी सभी भक्तों को आशीर्वाद देते हुए चल रहे थे। जो सर्वोदय चौक, गांधी तिराहा, महावीर चौक, कच्चा रोड होते हुए वापस मंदिर पर ही समाप्त हुई। महाबारात में प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब आदि प्रदेशों के कलाकारों ने हिस्सा लिया। महाबारात करीब एक किमी लंबी थी। जो सर्वोदय चौक से लेकर महावीर चौक तक एक साथ दिखाई दे रही थी। महाबारात का श्रद्वालुओं ने पालकी में सवार भगवान श्री राम दरवार का पूजन किया। बारात में कई राज्यों सहित जिले से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
भजनों और मंगल गीतों से गूंजा शहर
बारात के दौरान मालवा से आई 9 बैंड पार्टियों ने भगवान श्री राम के भजनों की शानदार प्रस्तुति दी।जिन्होंने रामजी की निकली सवारी,रामजी की लीला है नियारी। मोरे राम सिया से ब्याह रचाने चले जैसे भक्ति गीत भजनों से शहर गुंजायमान हो गया। इसके अलावा जय श्री राम संकीर्तन के साथ जय श्रीराम-श्रीराम के जयघोष से सरावोर वातावरण धर्ममय हो गया। वहीं ढोल,नगाड़े,बैंडबाजों पर बज रही रामधुन पर नृत्य करते श्रद्धालु और घोड़ा नृत्य करते हुए चल रहे थे।
प्रशासन रहा मुस्तैद
महाबारात में लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालु शामिल हुए। रामनाम महाराज की कृपा से कहीं कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा। टीआई अनूप यादव ने पुलिस की ओर से पूरा मोर्चा संभाला, वहीं सीएमओ रामप्रकाश जगनेरिया ने भी नपा की ओर से सुचारू व्यवस्थाएं की।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।