सागर। इंतजामों के नाम पर कुछ नहीं
स्वक्षता को लेकर परम् पूज्य महात्मा गांधी जी के सपनों को साकार रूप में आकर देने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में स्वक्ष भारत मिशन अभियान को शुरू किया था।
पूरे इस अभियान को एक दशक 2024 में सम्पन्न हो गया।
देश में गुजरात का सूरत और मध्य प्रदेश के इंदौर एवं भोपाल स्वक्षता सर्वेक्षण में महानगरों में बेहतर कार्यों के लिए राष्टीय स्तर पर सम्मानित होते रहे हैं और लगातार स्वक्षता सर्वेक्षण की जन जागृति जन जागरूकता अभियान से अब हर नागरिक जागरूक हैं।
परंतु सागर नगर पालिका निगम आज तक किसी भी विशेष उपलब्धि आज तक हासिल नहीं कर सका।
सागर की नगर पालिका निगम के 48 वार्डो की जनता नगर निगम को किसी राष्ट्रीय स्तर पर अवॉर्ड या नाम सुनने तरस गई है।
पूरे शहर में जगह जगह चैंबर टूटे पड़े हैं जगह जगह सड़के खुदी है।
स्मार्ट सिटी के नाम पर बोर्ड ही बोर्ड लगे हैं और उनमें बड़ी बड़ी बाते साझे लिखी है।
सार्वजानिक शौचालयों का आता पता नहीं है।
गंदगी सागर में गागर मचा रही है
तीन बत्ती, मोतीनगर, राहतगढ़ बस स्टैंड, आदि सार्वजिक शौचालयों और स्थानों पर गंदगी नागरिक का स्वागत करने में लगी है।
अपने आपसी खींचा तान में निगम रहवासी लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
जिससे गरीब, आम जनों को श्वास, एलर्जी, आदि बीमारियों का शिकार होना पड़ रहा है
जगह जगह प्लास्टिक फैली है डिस्पोजल हर नाली में पड़े मिलेंगे, विट्ठल नगर, गुरु गोविन्द सिंह वार्ड, आदि में नालों में कीचड़ भरा पड़ा है खेल ग्राउंड के नाम पर केवल कुछ स्थान ही हैं।
फीडबैक, MIS, डेटा कलेक्शन, IEC के नाम पर केवल प्रेस समाचार जनता तक जा रहे हैं। खुद नगर पालिका निगम के सोशल मीडिया अकाउंट में इतने नागरिक नहीं जुड़े जिससे रहवासियों का 1% भी मिलान कर सके।
Waste to art , कबाड़ से जुगाड, नुक्कड़ नाटक, वॉल राइटिंग वॉल पेंटिंग के नाम पर क्या कहा हो रहा है पता नहीं है।
कैसे O D F हे सागर ये समझ नहीं आ रहा कही कही खुले में लोग लोटा लेकर शौच को जा ही रहे हैं सपने ODF+ के दिखाए जा रहे हैं।
नगर निगम सागर में कमी ही कमी नहीं दिख रही जमी।हेमंत आजाद, *सागर से विशेष खबर





