तेंदूखेड़ा ।क्रिकेट प्रतियोगिता का विधायक विश्वनाथ सिंह पटेल के मुख्य आतिथ्य में समापन

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तेंदूखेड़ा। मां नर्मदा क्रिकेट क्लब द्वारा आयोजित टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का समापन में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक विश्वनाथ सिंह पटेल मुलायम भैया पहुंचे। इस मौके पर अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय जाना एवं साथ ही क्रिकेट प्रतियोगिता के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। प्रतिनिधियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए विजेता टीम को पुरस्कार वितरण किया एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर विधायक विश्वनाथ सिंह पटेल मुलायम भैया, तेंदूखेड़ा नगर परिषद अध्यक्ष विष्णु शर्मा, नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि डालचंद पटेल,भाजपा जिला उपाध्यक्ष संतोष पटेल, वरिष्ठ भाजपा नेता राजीव अग्रवाल, तेंदूखेड़ा मंडल अध्यक्ष सोनू दुबे, रूपम विश्वकर्मा,गगन अग्रवाल, पार्षद लीलाधर कुशवाहा,डब्बल कोरी, राजेंद्र पाली,तेंदूखेड़ा युवा मोर्चा के अध्यक्ष उदित शर्मा, सुजीत दुबे, सतीश साहू सहित बड़ी संख्या में खिलाडीगण एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।संवाददाता अमित खरे तेंदूखेड़ा

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।