गढ़ाकोटा। नगर के अंबेडकर वार्ड निवासी रिटायर्ड शिक्षक श्री खेमचंद साहू जी के द्वारा अशहाय एवं कमजोर छात्रों को लगभग 30 वर्ष से निशुल्क शिक्षा दे रहे हैं ,एवं प्रत्येक वर्ष सर के द्वारा शिक्षित छात्र-छात्राएं साहू सर से कोचिंग पढ़कर नवोदय, श्रमोदय आवासीय विद्यालय, सैनिक स्कूलों जैसी उच्च शिक्षा के संस्थाओं में जगह बनाकर बच्चे अपनी भविष्य की इमारत खड़ी करते हैं साहू सर के द्वारा पढ़ाए गए बच्चे आज कोई डॉक्टर कोई इंजीनियर कोई पुलिस कोई देश की सीमा पर तैनात नौजवान,तो कोई बड़े-बड़े अधिकारी बनकर अपने सपने को साकार कर रहे हैं
अपनी सफलता की सीढ़ी पाए हुए पूर्व छात्रो ने कहा जिस दिन हम अपने जीवन में हुए सकारात्मक परिवर्तन के लिए हमारे शिक्षकों के अमूल्य योगदान को याद करते हैं तब हमें सर्वप्रथम साहू सर के द्वारा किए हुए समर्पण एवं एकाग्रता ध्यान आती है जिन्होंने हम सभी आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को निशुल्क कोचिंग पढ़कर आज अपने मुकाम को हासिल करने की योग्य बनाया था।
इसलिए तो कहां जाता है प्रलय और निर्माण “शिक्षक” की गोद में पलते हैं।
अर्थात शिक्षक ही वो दिशा बताने वाला मार्गदर्शक होता है जो छात्रों को सही समय पर अपने मार्ग में निरंतर चलते रहने के लिए प्रेरित करता है एवं दिशा निर्देश देता है तब जाकर हमारे देश का भविष्य कहे जाने वाले युवा अपनी सफलता की सीढ़ी हासिल कर पाते हैं और देश को आगे बढ़ाने में एवं देश का नाम रोशन करने में सक्षम हो पाते हैं।
इस वर्ष भी कुछ दिनों के अंतराल में आए हुए नवोदय एवं श्रमोदय विद्यालय में कक्षा छठवीं एवं कक्षा नवमी दाखिला के परिणाम घोषित हुए है
परीक्षा परिणाम 2025
पूर्वी कमलेश पटेल रंगुवा शिक्षा एकेडमी गढाकोटा,
तरुण कुर्मी पिता संदीप कुर्मी चरखारी,
डाली पिता प्रेमशंकर पटेल शासकीय प्राथमिक शाला पिपरिया डिग्रीरा,
प्रियांशी पिता रामेश्वर पटेल गढाकोटा, सीएम राईज स्कूल गढाकोटा,
नवोदय विद्यालय में चयनित
तरुण पिता संदीप कुर्मी
साक्षी लोधी पुत्री तरुण से लोधी रायसेन नंदिता कोरी पुत्री खूब चंद कोरी निवासी गढाकोटा
जिनमें साहू सर के द्वारा कोचिंग पढ़ाए हुए कई विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की, जिनमे नवोदय विद्यालय ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय में हुआ है।
बच्चों के चयन होने पर बच्चों के परिवार के परिजनों के चेहरे पर मुस्कुराहट नजर आ रही है एवं नगर में एक उत्साह जैसा माहौल छाया है श्री साहू सर द्वारा चयनित हुए बच्चों को आशीर्वाद स्वरुप शुभकामनाएं दी।
साहू सर ने कहा ज़िंदगी का अनमोल खजाना ही यही है कि आपको ज़िंदगी का मतलब समझाने के लिए हर मोड़ पर एक नया गुरु अपना सर्वस्व न्योछावर कर दे।।
जब तक शरीर में आखरी सांस चल रही है तब तक बच्चों को शिक्षा के लिए जागरूक करता रहूंगा क्योंकि बच्चे ही हमारे देश का भविष्य है।




