प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना बनी मजाक

प्राइवेट व सरकारी संस्थानों के डॉक्टर नहीं लिख रहे जेनेरिक दवाएं 87 फीसदी सस्ती दवाओं के काउंटर सूनेभोपाल (केमिस्ट जागरण)ब्रांडेड दवाओं से 87 फीसदी तक सस्ती जेनेरिक दवाओं के शहर में 8 प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र के काउंटर सूने पड़े हुए है। दूसरी तरफ महंगी दवाएं बेचने वाले दवा स्टोर पर खरीदारों की भीड़ है। […]