अतिक्रमण अभियान में व्यापारी का पैर टूटने का आरोप व्यापारियों ने लामबंद होकर डीएम को दिया ज्ञापन अनुज सिंह ठाकुर ब्यूरो रिपोर्ट  ललितपुर

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ललितपुर। विगत दिवस मवेशी बाजार में नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों द्वारा हटाये जा रहे अतिक्रमण के दौरान व्यापारी का पैर फ्रेक्चर हो जाने का आरोप लगाते हुये व्यापारियों ने लामबंद होकर एक ज्ञापन जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी को सौंपा है। ज्ञापन में बताया कि नाली के अंदर चार फुट का बिना पिलर का तीन सेट लगा हुआ था जबकि व्यापार मंडल 4 फुट बिना पिलर  के टीन सेट लगाने की मांग विगत 5 वर्षों से कर रहा है, जिस पर तत्कालीन ईओ ने हमेशा मौखिक रूप से स्वीकृति दी थी, लेकिन व्यापार मंडल ने अभी पिछली व्यापार बंधु की मीटिंग में यह मांग उठाई थी। जिस पर अपर जिलाधिकारी ने कहा था नगर पालिका परिषद के साथ बैठकर लिखित रूप से कहा था 4 फुट चद्दर बिना पिलर की एवं नाली पर फोल्डिंग वाली जाली की परमिशन दे दी जाएगी। जिससे सफाई करने में कोई दिक्कत ना हो व्यापार मंडल हमेशा अतिक्रमण न हो इसके पक्ष में रहा है। लेकिन नगर पालिका परिषद की तानाशाही रवैया एवं पक्ष पूर्ण अतिक्रमण हटाने पर व्यापार मंडल हमेशा विरोध करेगा और जो हमारी मांगे हैं। चिन्हित करके अतिक्रमण कहां से हटाना है। व्यापारियों को समय देकर अतिक्रमण हटाए व्यापार मंडल को कोई आपत्ति नहीं है। अतिक्रमण की कार्रवाई में व्यापारी का पैर टूट गया है, उसे व्यापारी की व्यापारी तत्काल उपचार कराया जाए। प्रशासन द्वारा जांच कराकर कार्रवाई करें जिससे ऐसी घटना की पुनरावृत्ति द्वारा ना हो। अतिक्रमण की कार्रवाई पर जिलाधिकारी ने समस्या का समाधान करने का पूर्ण आश्वासन दिया है। ज्ञापन देते समय सुरेश बडेरा, शैलेंद्र जैन, कमलेश सराफ, डा.संजीव कड़की, जिला मंत्री अभिषेक अब्बू, समित समैया, संजीव जैन, प्रदीप, इमरान खान, पिंटू मोदी, कुलदीप साहू, मनोज जैन, राजीव जैन, पप्पू साहू, आलोक सिंह, चके्रश भैया, अनुराग चुनगी आदि मुख रूप से थे।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।