खाद की कालाबाजारी व ओवर रेटिंग पर लगेगा पूर्ण विराम डीएम ने स्वयं सहकारी समिति पर जाकर खाद का वितरण कराया सभी उप जिलाधिकारियों को पुलिस बल के साथ शान्तिपूर्ण तरीके से खाद वितरण कराने के निर्देश

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ललितपुर। जनपद में खाद की समस्या के स्थायी निस्तारण हेतु जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने आज शुक्रवार को स्वयं दैलवारा स्थित खाद की दुकान पर जाकर खाद वितरण कराया। उन्होंने मौके पर एक-एक कर ग्रामीण का नाम पुकारकर खाद वितरित करायी।
जनपद में खाद की ब्लैक मार्केटिंग व ओवररेटिंग की समस्या को लेकर आज शुक्रवार को ग्राम दैलवारा के ग्रामीण जिलाधिकारी से मिले, जिलाधिकारी ने तत्काल उनकी समस्या का संज्ञान लेकर समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्वयं समितियों पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ जायें और पूरी पारदर्शिता और शान्ति के साथ खाद का वितरण कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी के निर्देश पर समस्त उप जिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र की सहकारी समितियों पर खाद का वितरण सुनिश्चित करा रहे हैं, साथ ही जिलाधिकारी ने भी मौके पर पहुंचकर अपनी उपस्थिति में खाद का वितरण कराया। उन्होंने समिति पर उपलब्ध स्टॉक रजिस्टर व वितरण पंजिका का भी अवलोकन किया और निर्देश दिये कि पंजिकाओं का उचित रखरखाव व उन्हें अद्यतन रखा जाए। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित ग्रामीणों से वार्ता की और उनकी समस्याएं भी सुनी। उन्होंने निर्देश दिये कि किसी भी दशा में जनपद में खाद की कालाबाजारी व ओवररेटिंग नहीं होने दी जाएगी, इसके लिए एसडीएम निरंतर निरीक्षण कर अपनी देख-रेख में खाद का वितरण करायेंगे। यह भी बताया गया कि शुक्रवार को 1300 मी.टन डीएपी की एक रैक आ चुकी है, जिसका वितरण हो रहा है, कल 1300 मी. टन डीएपी की एक और रैक मिलेगी व अगले तीन में 3200 मी0टन टीएसपी की रैक जनपद को मिल जाएगी, जिसका तत्काल वितरण सुनिश्चित कराया जाएगा। मौके पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अरविन मेहर सिंह व अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
अनुज सिंह ठाकुर ब्यूरो रिपोर्ट ललितपुर

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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