खुरई ।आचार्य विद्यासागर महाराजजी के प्रथम स्मृति दिवस पर झंडा चौक पर आयोजित आरती एवं पुष्पांजलि अर्पण कार्यक्रम में सम्मलित हुआ

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खुरई । आरती करने का पुण्य अर्जित करने के साथ साथ महाराज श्री के जीवन पर विचार व्यक्त करने का सुअवसर प्राप्त हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठसमाज सेवी श्री Ashok mudotiya और डॉ Arvind saraf ने दीप प्रज्वलित कर किया। संगीतमय आरती का गायन मनोज जैन रोड़ा अमित मुला,विकास जैन ,नितिन पटेरिया ने किया।  कार्यक्रम  सुनील पिठौरिया जी, शुभंकांत तिवारी,मनोज राय ने आचार्य श्री के मानव जाति को समर्पित जीवन के बारे मे प्रकाश डाला। सभी सनातन भाइयों ने संकल्प लिया की द्वितीय स्मृति दिवस को भव्य रूप से मनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के मध्य में गुरुकुल स्कूल के प्रिंसिपल श्री प्रियंक जैन,अनिल साहू,आकाश परिहार, भाजपा धनौरा मंडल अध्यक्ष राजपाल सिंह राजपूत पूर्व नपा अध्यक्ष इंद्रकुमार राय, पार्षद प्रवीण जैन,सोनू चंदेल पार्षद, फेरन ठाकुर,रौनक यादव , सौरभ यादव,नितिन विश्वकर्मा,नितिन पटेरिया पत्रकार, एडवोकेट देवेन्द्र विश्वकर्मा,ऋतिक कुशवाहा, सतेंद्र ठाकुर,ऋषि पटेल,मनीष पहलवान,राजू समैया,मनोज जैन रोड़ा, रिकू मुल्ला,राजू पिठौरिया, सुरेन्द्र जैन BPL, बड़कुल ज्वेलर्स,pattu mulla,राहुल सिंघई,राजेश जैन, ने आरती कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित गौ रक्षक शामिल थे

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।