गढ़ाकोटा/बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए अत्याचार के विरोध में सौंपा ज्ञापन

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 गढ़ाकोटा /के विभिन्न संगठनों ने सम्मिलित होकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सोपा जिसमें अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल एवं हनुमान सेना संगठन भी शामिल रहा इसकेक सदस्यों के द्वारा तहसीलदार महोदय को ज्ञापन सोफा जिसमें जिला अध्यक्ष राजकुमार दुबे जी ने बताया कि विगत दिनों बांग्लादेश में हिंदुओं पर संत महात्माओं पर मंदिरों में तोड़फोड़ एवं मारपीट की गई एवं हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को रोकने के लिए एवं अत्याचार करने वालों के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हेतु महामहिम राष्ट्रपति के लिए नगर के विभिन्न संगठनों के द्वारा ज्ञापन के माध्यम से कार्यवाही करने की बात रखी गई जिसमें उपस्थित रहे प्रांतीय संगठन मंत्री भूपेंद्र  बिल जिला महामंत्री राघवेंद्र गुरु जिला संयोजक संदीप दुबे जिला जिला गौ रक्षा प्रमुख राधेश्याम रैकवार जिला प्रचार प्रसार प्रमुख नितिन साहू तहसील अध्यक्ष अंकित मिश्रा तहसील संयोजक अंकित चौरसिया तहसील सहसंयोजक गोविंद कुशवाहा जितेश मिश्रा ब्लॉक अध्यक्ष राजकुमार तिवारी श्री राम साहू सुरेंद्र शर्मा शैलेंद्र विश्वकर्मा राजकुमार सेन राकेश रैकवार अभिषेक अहिरवार  बिट्टू पटेल धर्म धर्मेंद्र पटेल पवन कुर्मी दीपेश कुर्मी हनुमान सेवा संगठन से कपिल साहू प्रवीन विश्वकर्मा रुपेश शुक्ला समाज सदस्य गण शामिल रहे
जिला सागर
नितिन साहू गढ़ाकोटा

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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