गढ़ाकोटा ।वैश्य महासम्मेलन जिला बैठक एवं कैलेंडर विमोचन कार्यक्रम

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं



गढ़ाकोटा ।मध्य प्रदेश के जिला सागर के नगर गढ़ाकोटा में वैश्य महासम्मेलन जिला स्तरीय बैठक का आयोजन संपन्न हुआ जिसमें विभिन्न आवश्यक मुद्दों पर विचार किया गया एवं वैश्य महासम्मेलन के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन किया गया । इस अवसर पर वैश्य महासम्मेलन के संगठन जिला शाहगढ की बैठक गढ़ाकोटा में संपन्न हुई।जिसमें रहली, गढ़ाकोटा , देवरी केसली ,बंडा, शाहगढ आदि तहसीलों के पदाधिकारी, सागर जिला एवं संभाग और प्रदेश पदाधिकारी भी सहभागी हुए । इस अवसर पर बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश महामंत्री निकेश गुप्ता जी एवं संभागीय अध्यक्ष गिरजेश सोनी जी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि शाहगढ़ जिला प्रभारी कमल जी एवं जिला अध्यक्ष निक्की ब्रजपुरिया और जिला महिला अध्यक्ष श्रीमती प्रीति पटवारी जी, मनीष विद्यार्थी जिला महामंत्री ,नीरज जैन तहसील अध्यक्ष देवरी रहे।गढ़ाकोटा तहसील संयोजक प्रदीप चौदह ,तहसील अध्यक्ष रविंद्र जैन उमरा,मुख्य सलाहकार राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं बैठक में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत गढ़ाकोटा तहसील की ओर से राघव नेमा, वरुण सोनी जिला अध्यक्ष युवा इकाई शाहगढ ,सपन अग्रवाल,श्रीराम साहू पत्रकार द्वारा किया गया।बैठक में संगठन के विस्तार एवं आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विचार विमर्श किया गया । जिसमें आगामी 5 जनवरी को गढ़ाकोटा में एक बृहद कार्यक्रम की रूपरेखा पर विचार किया गया । जिसमें सभी की सहमति से रूपरेखा और आयोजन पर विचार विमर्श किया गया। इस अवसर पर वैश्य महासम्मेलन के वार्षिक कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान की गई और वार्षिक कैलेंडर का विमोचन समस्त पदाधिकारी सदस्यों द्वारा किया गया।  समापन कार्यक्रम के अवसर पर वरुण सोनी द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
What is the capital city of France?

Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।