ग्राम महाराजपुर में मुनि श्री संसघ की मंगल भव्य अगवानी

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महाराजपुर /सागर जिले के देवरी क्षेत्र के ग्राम महाराजपुर में गुरुवार 05 दिसंबर 2024 को आचार्य देव श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती परम् प्रभावक शिष्य ज्येष्ठ अद्वितीय निर्यापक श्रमण मुनिश्री 108 योगसागर जी महाराज ससंघ का ग्राम महाराजपुर में प्रातः काल 8:30 बजे मुनिश्री का भव्य मंगल प्रवेश एवं नगर गौरव ऐलक 105 श्री चैत्यसागर जी महाराज का प्रथम नगर आगमन हुआ। सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा मुनि श्री के ससंघ की भव्य आगवानी बस स्टैंड से शुरू होकर पूरे नगर में भ्रमण कर  नवीन धर्मशाला में संपन्न हुई।जिसमें में सभी धर्म प्रेमी एकत्रित हुए। समस्त जैन समाज जुलूस के माध्यम से बैंड बाजे, डीजे बालिका मंडल, महिला मंडल, नवयुवक मंडल एवं समस्त सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा चरण वंदना की रंगोली सजाई गई। घर के बाहर सभी ने पाद प्रक्षालन किया। मुनि संसघ की धूमधाम से भव्य मंगल अगवानी की।सकल दिगम्बर जैन समाज एवं जगह-जगह से लोगों ने पधारकर ग्राम महाराजपुर में अद्वितीय निर्यापक श्रमण मुनिश्री 108 योग सागर जी महाराज की धर्मशाला में दिव्य देशना प्रवचन के माध्यम से सुनी एवं पूण्य लाभ प्राप्त किया। सभी अतिथियों का सकल दिगम्बर जैन समाज महाराजपुर द्वारा आभार व्यक्त किया गया।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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