जनपद ललितपुर उत्तर प्रदेश
प्रार्थी की आराजी संख्या 525 / 2513 पर लगी हुई पत्थर की मुंडी एवं तार चोरी करने तथा जबरन फसल बोने के संबंध में

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ललितपुर– जिलाधिकारी महोदय  क़ो ज्ञापन देकर बताया की
प्रार्थी ग्राम बमोरी कला परगना मड़ावरा का मूल निवासी है प्रार्थी की ग्राम स्थित आराजी संख्या 525 / 2513 रखवा 0.225 है और चारों तरफ फेंसिंग लगी हुई थी जिसको बमोरी कला माजरा दलपतपुर निवासी भरत सिंह तनय गोरेलाल एवं गोरेलाल तनय अमर सिंह द्वारा चोरी कर लिया गया तथा  खेत की मेड़ क़ो ट्रैक्टर से मिटाकर पूरे खेत को जबरन मसूर की फसल की बुआई कर दी गई है
प्रार्थी द्वारा उल्लंगना देने पर उपरोक्त नमजात लोगों द्वारा प्रार्थी   के साथ गाली गलौज  की गई एवं नामजद व्यक्तियों द्वारा प्रार्थी पर अपनी जमीन को बेचने का दावा बनाया जा रहा है अन्यथा की स्थिति में प्रार्थी को खेत पर आने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है प्रार्थी की जमीन नामजद व्यक्तियों के ग्राम मजरा दलपतपुर में स्थित है प्रार्थी का खेत दबंग लोगों के खेत से लगा हुआ है जिस प्रकार प्रार्थी दबंग व्यक्ति के डर से खेत पर नहीं जा पा रहा है

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।