तीसरी बार JD(U) की कमान संभालेंगे नीतीश कुमार, I.N.D.I.A. गठबंधन से बातचीत के लिए भी किए गए अधिकृत

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Bihar, JD(U), JDU- India TV Hindi

Image Source : PTI
तीसरी बार JD(U) की कमान संभालेंगे नीतीश कुमार

नई दिल्ली: जनता दल (यूनाइटेड) की कमान एक बार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों में चली गई है। ललन सिंह के इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार को JDU के प्रमुख चुन लिया गया। हालांकि इसका औपचारिक ऐलान कार्यकारिणी की बैठक के बाद ही किया जाएगा। यह तीसरा मौका है, जब नीतीश कुमार जेडीयू के अध्यक्ष बनाया गया है। 

इसके साथ ही नीतीश कुमार को शीट शेयरिंग से लेकर इंडिया गठबंधन से जुड़े फैसले के लिए अधिकृत किया गया है। इससे पहले यह काम भी ललन सिंह कर रहे थे। लेकिन अब इसमें भी बदलाव किया गया है। पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देते वक्त ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार के कहने पर ही मैंने यह जिम्मेदारी संभाली थी। लेकिन अब मुझे लोकसभा चुनाव लड़ना है। इसलिये मैं अब पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देता हूं। इसके साथ ही नए अध्यक्ष के रूप में उन्होंने खुद ही नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव रखा। 

क्यों गई ललन सिंह की कुर्सी?

जदयू अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की वजह खुद ललन सिंह ने बताई है। उनके अनुसार, लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ा है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा चल रही है कि इंडिया गठबंधन में ललन सिंह जदयू और नीतीश कुमार का पक्ष मजबूती से नहीं रख पा रहे थे। इस बात से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनसे नाराज बताए जा रहे थे। इसके साथ ही कहा जा रहा था कि ललन सिंह की लालू यादव और उनके परिवार से नजदीकी बढ़ा रहे थे। यह बात भी नीतीश कुमार को पसंद नहीं अ रही थी। जिसके बाद यह कहा जाने लगा था कि नीतीश कुमार जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। कई बार तो जदयू के राजद में विलय होने की भी खबर चली थी। लेकिन इन सभी अटकलों पर आज विराम लग गया और पार्टी प्रमुख की कुर्सी नीतीश कुमार ने फिर अपने कब्जे में ले ली। 

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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