तेंदूखेड़ा ।विधायक ने दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर किया नमन, कहा- देश के लिए उनका समर्पण और सेवा भाव अविस्मरणीय

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तेंदूखेड़ा – विधायक विश्वनाथ सिंह पटेल मुलायम भैया  ने एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय को आज मंगलवार को उनकी जयंती पर नमन किया। अंत्योदय की उनकी अवधारणा विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में अमूल्य भूमिका निभाने वाली है। देश के लिए उनका समर्पण और सेवा भाव अविस्मरणीय रहेगा। भाजपा जिला अध्यक्ष रामस्नेही पाठक  ने  पंडित दीनदयाल उपाध्याय को नमन करते हुए लिखा, “प्रखर राष्ट्रभक्त, एकात्म मानववाद के प्रणेता, महान राजनीतिक चिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का उनकी जयंती पर वंदन करता हूँ। दीनदयाल जी आजीवन राजनीति में शुचिता व पारदर्शिता के लिए संकल्पित रहे। उनके अंत्योदय के विचार से सामाजिक समरसता को बल मिला। देश के गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर उज्ज्वल भविष्य के निर्माण पर बल देने वाले दीनदयाल उपाध्याय जी के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के सिद्धांतों पर चलते हुए मोदी जी विकास की पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुँचा रहे हैं नगरपरिषद अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय सन 1953 से 1968 तक भारतीय जनसंघ के नेता रहे। एक गम्भीर दार्शनिक एवं गहन चिंतक होने के साथ-साथ वह एक ऐसे समर्पित संगठनकर्ता और नेता थे, जिन्होंने सार्वजनिक जीवन में व्यक्तिगत शुचिता एवं गरिमा के उच्चतम आयाम स्थापित किए।
इस अवसर पर विधायक विश्वनाथ सिंह पटेल मुलायम भैया, पूर्व विधायक भैयाराम पटेल,भाजपा जिला अध्यक्ष रामस्नेही पाठक, नगरपरिषद अध्यक्ष विष्णु शर्मा, नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि डालचंद पटेल, राजीव अग्रवाल,भाजपा जिला उपाध्यक्ष संतोष पटेल, जिला पंचायत सदस्य देवेन्द्र गंगोलिया, वरिष्ठ भाजपा नेता शिवदयाल खैरोनिया, सुनील जैन, परसोत्तम पटेल,महीष मोदी,पूर्व जिला पंचायत सदस्य वंदना पटेल, जनपद सदस्य देवराज कश्यप,तेंदूखेड़ा मंडल अध्यक्ष सोनू दुबे, युवा मोर्चा अध्यक्ष उदित शर्मा, विक्रम पटेल,मुकेश पुजारी, लीलाधर कुशवाहा,छोटू श्रीवास्तव गोलू अग्रवाल,सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहेसंवाददाता अमित खरे तेंदूखेड़ा

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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