दमोंह /हटा पुलिस के द्वारा टावर की बैटरी चोरी करने वाले चोरो को किया गया गिरफ्तार

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दमोंह/थाना प्रभारी हटा को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि दमोह तरफ से एक सफेद रंग की पिकअप में चोरी की बैटरिया भरकर लाई जा रही है। उक्त सूचना की तस्दीक हेतु पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर पिकअप वाहन सहित 02 व्यक्तियों को पकड़ा एवं उनसे पूछताछ की गई। पिकअप एरिया में रखी बैटरियों के संबंध में पूछने पर उनके द्वारा बैटरियो के कोई कागजात नही होना बताया गया। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होने स्वीकार किया कि उक्त बैटरिया दिनांक 03.12.24 की रात्रि में दमोह के 02 मोबाईल टावरो से चोरी की गई है। इस पर से आरोपीयो के विरूध्द थाना हटा में धारा 35 (1/5) बीएनएसएस, 303(2) बीएनएस के तहत शु.न. 01/2024 पंजीबध्द कर आरोपियो को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया  जब्त मशरुका –
24 नग बैटरिया हल्के आसमानी रंग की अंग्रेजी मे एक्साइड व सीरियल नं. 040519 की प्रिंट पर्ची कीमत 240000/- रूपये।
32 नग बैटरिया जिसमें हरे रंग से अंग्रेजी में शोतो लेख है सीरियल नं. सीबी100480/5241024
कीमत 256000 /- रूपये।
पिकअप वाहन कीमत 400000/- रूपये। मेव जयते
कुल मशरूका कीमत 896000/- रूपये। गिरफ्तार आरोपियो के नाम
सोनू पिता अब्दुल खालिद मंसूरी उम्र 24 वर्ष निवासी तेडीनाम बाबा थाना हनुमानताल जिला जबलपुर।
सद्दाम पिता सफीक मुहम्मद उम्र 27 वर्ष निवासी सत्तास झिरिया थाना हनुमानताल जिला जबलपुर।दमोंह ब्यूरों चीफ/अर्जुन सिंह लोधी

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।