दमोह ।एम.वाय.एल.ऑर्गेनिक संस्था दमोह के तत्वधान में स्किल डेवलपमेंट कैरियर काउंसलिंग गाइडेंस एवं हेल्थ वेलनेश कार्यक्रम का हुआ आयोजन

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दमोह ।सिद्धि विनायक प्लेस सागर नाका चौकी के पास दमोह में एम. वाय.एल.आर्गेनिक संस्था दमोह के द्वारा स्किल डेवलपमेंट कैरियर काउंसलिंग गाइडेंस एवं हेल्थ वेलनेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें जिले भर से छात्र छात्राओं की उपस्थिति रही । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि इंजिनियर अभिनीत साहू सर एवं विशिष्ट अतिथि देव कुंदन सर जी की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किया गया।मोटिवेशन स्पीकर इंजी. अभिनीत साहू सर जी ने वर्तमान समय की शिक्षा पद्धति पर विस्तार से चर्चा की एवं स्किल डेवलपमेंट कैरियर काउंसलिंग गाइडेंस के महत्व को बताते हुए उन्होंने बताया कि आज हमें टेक्निकल शिक्षा की जरूरत है फाइनेंसली शिक्षा अति आवश्यक है आज छात्रों के पास अनेक  डिग्री,डिप्लोमा,विशेष योग्यता होने के बाद भी रोजगार नहीं है आज भी बड़े बड़े  कोर्स करके लाखों रुपए शिक्षा में खर्च करके स्टूडेंट बेराजगार है  सरकार इतनी वैकेंसी नहीं निकाल पा रही है आज डायरेक्ट सेलिंग,ई.एजुकेशन, ई.कॉमर्स ,जैसे प्रोफेशन में हजारों लोग अपना कैरियर बना रहे है, साथ ही आज स्टूडेंट अपना बहुमूल्य समय सोशल मीडिया फेसबुक व्हाट शॉप, इंस्टा , ट्यूटर रील आदि में बर्बाद कर रहे है और गलत आदतें अपने अंदर डाल रहे है , हमे किसी भी प्रोफेशन में जाने के लिए हमारे पास कम्युनिकेशन,स्किल डेवलपमेंट,बॉडी लेंग्वेज,आई कॉन्टेक्ट , ड्रेसिंग सेंस  व्यक्तित्व विकास जैसी चीज़ों की आवश्यकता है जिससे प्रत्येक स्टूडेंट अपना कैरियर सेट कर सकता है और व्यापक बेरोजगारी से भी छुटकारा पाया जा सकता है ,साथ ही उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में अगर कोई व्यक्ति हेल्थ वेलनेस,ऑर्गेनिक , न्यूट्रीशन पर कार्य करता है तो उसका भविष्य उज्ज्वल रहेगा क्योंकि हमारे देश का खान पान पूरी तरह से दूषित हो चुका है जिससे लोगों को कम उम्र में अनेक बड़ी बीमारियों से ग्रसित होना पड़ रहा है जैसे हार्ट अटैक ,पैरालिसिस , शुगर, बी.पी.लो,हाई , फैटी एसिड,फैटी लीवर , बाँझापन चर्म रोग, यूरिन इन्फेक्शन आदि बीमारियों से लोग परेशान है साथ ही व्यक्ति को पोषक तत्वों की कमी से अनेक बीमारियां लोगो को घेर रही है।दमोह जिले में हेल्थ वेलनेश के माध्यम से छोटी छोटी संगोष्ठी कर स्वास्थ्य के प्रति लोगों को अवेयरनेस किया जा रहा है साथ ही आर्गेनिक न्यूट्रीशन एवं योगा के माध्यम से अनेक बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित हेल्थ कोच श्री जागेश्वर सिंह लोधी ,सतीश पवार , छत्रपाल सिंह लोधी , सानू गुप्ता शाहिद खान,नारायण अहिरवार,आकाश अहिरवार राजीव पांडे ,कृष्णा साहू,  जिया ठाकुर, नर्सिंग ऑफिसर आराधना वाल्टर , रोशनी अहिरवार, मनीषा दहायत, ज्योति विश्वकर्मा, डॉ. गुलजार सिंह ,भारती ठाकुर गोविंदा अहिरवार सत्यम अहिरवार सहित अनेक स्टूडेंट्स वा हेल्थ कोच की उपस्थिति रही।दमोंह ब्यूरों चीफ/अर्जुन सिंह लोधी

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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