दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाले मामले में ईडी ने किया गिरफ्तार

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नई दिल्ली: ईडी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया है। दो घंटे से भी ज्यादा लंबी पूछताछ के बाद सीएम को गिरफ्तार किया है। सीएम की गिरफ्तारी दिल्ली शराब घोटाले में हुई है। इस मामले में यह 16वीं गिरफ्तारी हुई है। बता दें कि शाम सात बजे ईडी की टीम सीएम के सरकारी आवास पर पहुंची थी। 2 घंटे से भी ज्यादा लंबी चली पूछताछ में केजरीवाल से 20 से ज्यादा सवाल पूछे गए थे। सूत्रों ने बताया कि केजरीवाल ने कई सवालों के जवाब नहीं दिए। वहीं इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब इसके बाद अरविंद केजरीवाल को ED के कार्यालय ले जाया जाएगा।

आज शाम ईडी की टीम सीएम आवास पहुंची थी। इसके बाद ही आशंका जताई जाने लगी थी कि केजरीवाल को गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके बाद सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज और आतिशी सीएम आवास पहुंच गई थीं। हालांकि दोनों कोआवास के अंदर नहीं जाने दिया गया था। वहीं इसके बाद केजरीवाल के वकीलों की टीम ने सुप्रीम कोर्ट ने याचिका दाखिल की थी। उन्होंने इस मामले में त्वरित सुनवाई की मांग की थी। हालांकि सुनवाई नहीं हुई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

ED की टीम के सीएम आवास पर पहुंचने की खबर आते ही बाहर आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का हुजूम जुटना शुरू हो गया था। पुलिस को इसकी आशंका पहले से भी थी और उन्होंने इसकी तैयारी भी कर ली थी। आवास के बाहर रैपिड एक्शन फ़ोर्स समेत पुलिसकर्मियों की भारी तैनाती कर दी गई थी। इसके साथ ही आवास को चारो तरफ से बैरीकेडिंग कर दी गई थी। बता दें कि दिल्ली शराब घोटाले में यह 16वीं गिरफ्तारी की गई है। इस्ससे पहले बीआरएस नेता के. कविता को भी ED ने गिरफ्तार किया था। इससे पहले आप नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया गया था। दोनों नेता पिछले कई महीनों से जेल में बंद हैं।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।