देवरीकला । शंकर जी की प्रतिमा को किया खंडित ,एक प्रतिमा को आरोपी ले गया घर, पुलिस ने किया मामला दर्ज

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देवरी(सागर)। देवरी विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम डोंगर सलैया में दो व्यक्ति द्वारा गांव में बने मंदिर के शिवलिंग को अपने घर ले गया,जब ग्रामीणों ने मंदिर जाकर देखा तो  एक छोटा शिवलिंग टूटी अवस्था में भी मिला, इसके बाद सभी गांव के लोग एवं हिंदू संगठन एकजुट हो गए और देवरी पुलिस थाने में लिखित शिकायत की इसके बाद पुलिस द्वारा दो आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296,299 303(2), 324(3) के तहत मामला पंजीबद्ध किया।

क्या है पूरा मामला

शिकायतकर्ता ऋषभ चौहान ने बताया कि घटना दिनांक 31 मार्च की रात करीब 11 बजे की बात है।में गांव के लोग अपना ट्रेक्टर ट्राली लेकर ग्राम बिछुआ से खमरिया रोड पर टपरियों के पास अपने खेत पर जा रहा था।जैसे ही में ग्राम बिछुआ की राशन दुकान के सामने पहुंचा तो मैने अपने ट्रेक्टर की लाईट से देखा कि रमजान एवं सोमपाल अपनी मोटर साईकिल पर बीच में शिवलिंग चोरी करके देवरी तरफ जा रहे थे। तब खमरिया माता मंदिर जाकर देखा तो वहां पर में एवं मेरे बड़े शिवलिंग गायब थे और छोटे शिवलिंग खण्डित अवस्था में दिखाई दिये। उसी समय भाई सतेन्द चौहान बमरिया माता मंदिर के पास अपनी मोटर साईकिल से आ गया था तब सतेन्द्र चौहान ने रमजान एवं सोमपाल का मोटर साईकिल से पीछा किया तो रमजान एवं सोमपाल दोनों मुझे रमजान के घर के बाहर खड़े हुए मिले एवं रमजान के घर के बाहर बने हुए आंगन में शिवलिंग सतेन्द बौहान को दिखाई दिये। तब मैने ने दोनों से पूछा कि अमरिया माता मंदिर ग्राम बिछुआ से शिवलिंग क्यों उठा लाये तो दोनो मेरे साथ मां बहिन की गंदी गंदी गालियां देने लगे। तब मैं अपने बड़े भाई सतेन्द्र चौहान के साथ ग्राम बिछुआ गया था जहां पर  घटना की जानकारी ग्राम बिछुआ के पूर्व सरपंच बबलू राजपूत को दी थी। फिर सभी लोगो ने चोरी गये शिवलिंग को मंदिर में वापस रखवा दिया था। रमजान एव सोमपाल ने हमारे पूजा करने के मंदिर से शिवलिंग को खण्डित कर दिया तथा एक शिवलिंग चुरा कर ले गये थे जिससे हम लोगों की धार्मिक भावना आहत हुई है तथा शिवलिंग जिसकी कुल कीमत रु. 10000/- थी खण्डित की गई है। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग एवं हिंदू संगठन ने आकर पुलिस थाने में ज्ञापन सौंप कार्यवाही की मांग की।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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