देवरी कला ।बीना बारह अतिशय क्षेत्र पर प्रवेश हुआपरम पूज्य आचार्य विद्यासागर जी महाराज के चरण चिन्ह का आगमन हुआ*

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देवरी कला– महासमाधि धारक परम पूज्य आचार्य विद्यासागर जी महामुनिराज से दीक्षित परम पूज्य आचार्य समयसागर जी महामुनिराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि धर्मसागर जी महाराज एवं मुनि भावसागर जी महाराज का मंगल प्रवेश 16 मार्च 2024 को दिगंबर जैन शांतिधाम  अतिशय क्षेत्र बीना बारह तहसील देवरी जिला सागर मध्य प्रदेश में प्रातः काल की बेला में हुआ शांतिनाथ भगवान की विशाल प्रतिमा का अभिषेक एवं शांति धारा की गई, समाधिस्थ परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चरण चिन्ह अष्टधातु के 108 किलो के चंद्रगिरि डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ से आए उनका भी आगमन हुआ, और प्रथम बार चरणों का अभिषेक किया गया, मुनि संघ ने तीर्थ क्षेत्र की वंदना की इसके पूर्व मुनि संघ ने शांति धारा दुग्ध योजना में चल रहे कार्यों का अवलोकन किया इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करती करते हुए मुनि श्री भावसागर जी महाराज ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज के चरण को देखकर ऐसा लग रहा है जैसे आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ही साक्षात विराजमान हो,  सबसे ज्यादा एनर्जी इससे प्राप्त होती है, शांति धारा दुग्ध योजना सबसे अच्छा उपक्रम है ,इसके माध्यम से औषधि का निर्माण भी होता है और जैविक खेती के माध्यम से औषधि तैयार होती हैं, यहां की औषधि सबसे ज्यादा पावरफुल होती है, यह संस्था ऊंचाइयों पर पहुंचे ऐसी हमारी भावना है ,सभी को8 यहां के प्रोडक्ट उपयोग करना चाहिए l यहां के लोगों को नशे से दूर रहना चाहिए और शराब,तंबाकू ,गुटका आदि का त्याग करना चाहिए !”शराब जीवन करती है खराब”।  तीर्थक्षेत्र की वंदना करने से सबसे ज्यादा पुण्य का अर्जन होता है, शांति धारा सबसे ज्यादा पावरफुल होती है, यहां के मूल नायक भी शांतिनाथ भगवान है जो सोलहवे तीर्थंकर है प्रतिदिन ऐसी भावना करना चाहिए की सभी के रोग ठीक हो ,सभी की विघ्न  ठीक हो सभी के कष्ट दूर हो ऐसी भावना से शांति धारा करना चाहिए इस कार्यक्रम में श्री शांतिधाम बीना जी बारह  तीर्थ क्षेत्र अध्यक्ष अल्केश जैन कोयला वाले, कोषाध्यक्ष नरेश सोधिया ,अनिल कुटपुरा ,देवरी जैन समाज अध्यक्ष रजनीश  ,मनोज पांडे, अजित पांडे शामिल हुए आसपास के नगरों से भी लोग शामिल हुए

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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