देवास पीपलरावा । गंगा जमुना तहजीब की मिशाल देखने को मिली। एक दूसरे को गले लगाकर दी त्योहारों की शुभकामनायें ।

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देवास पीपलरावा ।- सोमवार को मुस्लिम समाज पुरे भारतवर्ष मे ईद मना रहा था।  वही हिन्दू धर्मावलंबी हिंदू धर्मानुसार नवरात्री मना रहा है । वही पीपलरावा मे सोमवार को मुस्लिम समाज सुबह ईद मना रहा था. तो नगर के माली पूरा मे राम मंदिर मे भगवान राम की प्रतिमा स्थापित की तैयारी हो रही थी जिसको देखते हुए दोपहर मे मालिपुरा से जुलुस के रूप मे एक चल समारोह निकाला गया. जिसमे भगवान राम की प्रतिमा बग्गी मे सवार थी. तथा श्रद्धालु धार्मिक गीतों पर झूम रहे थे. तथा महिलाए कलश लेकर राम कीर्तन कर चल रही थी । चल समारोह में कई दशक से जो नगर की पहचान गंगा जमुना वाला नगर है. उसी को कायम रखते हुए नगर के स्थानीय बस स्टैंड पर सुबह नगर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ ही हिंदू समाजन द्वारा नमाजियों के ऊपर पुष्प वर्षा कर मुस्लिम भाइयो को गले लगाकर ईद की शुभकामनाए दी । वही दोपहर को जगह जगह मुस्लिम समाज सहित अनैक सामाजिक संगठनों ने चल समारोह का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया. इस मिशाल से नगर की पहचान दूर अंचल तक विद्धमान है. वही चल समारोह मे प्रशासन बड़ी मुस्तेदी से नजर आया. वही सुरक्षा की दृष्टि से एस डी ओ पी दीपा मांडवे के साथ थाना प्रभारी कमल सिंह गहलोत ने अपने स्टॉफ के साथ व्यवस्था बनाए रखी । वही मुस्लिम भाइयों के द्वारा राम हनुमान जुलूस पर पुष्प वर्षा की ।

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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