देवास । नगर निगम के सामने बंद मार्ग खोलने की मांग तेज, कांग्रेस ने एसपी को लिखा पत्र

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देवास। शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के नाम पर यातायात पुलिस द्वारा एबी रोड पर कुछ स्थानों पर अस्थायी बैरिकेड्स लगाकर रास्ते बंद किए हैं, जिससे आमजन को भारी असुविधा हो रही है। विशेष रूप से नगर निगम के सामने बनाए गए डिवाइडर पर रखे गए बैरिकेट्स के कारण वहां जाने वाले नागरिकों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
आमजन की इस परेशानी को देखते हुए शहर जिला कांग्रेस ने प्रशासन से मार्ग को पुन: खोलने की मांग की है। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी ने इस संदर्भ में पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत को पत्र लिखकर अनुरोध किया है, कि नगर निगम के सामने लगाए गए बैरिकेट्स को हटाया जाए और यातायात को सुगम बनाया जाए।
कांग्रेस ने उठाई जनता की आवाज- शहर जिला कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष ,प्रवक्ता सुधीर शर्मा ने बताया, कि नगर निगम में प्रतिदिन हजारों नागरिक अपने कार्यों के लिए पहुंचते हैं, लेकिन मार्ग बंद होने के कारण उन्हें अनावश्यक रूप से लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। यह आम जनता के लिए बेहद असुविधाजनक है। उन्होंने कहा, कि नगर निगम के सामने बैरिकेट्स लगाकर रास्ता बंद करना आम नागरिकों के साथ अन्याय है। नगर निगम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक आते हैं, लेकिन रास्ता बंद होने से उन्हें लगभग 2 किमी तक घूमकर आना पड़ता है। श्री शर्मा ने कहा, कि रास्ता खोलते हुए यातायात की गति नियंत्रित करने के लिए प्रशासन स्पीड ब्रेकर का निर्माण कर सकता है, ताकि दुर्घटनाओं से बचाव भी हो सके और नागरिकों को परेशानी भी न हो।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग- नगर निगम के सामने रास्ता बंद होने से नागरिकों में नाराजगी है, वहीं कांग्रेस ने इसे जनहित का मुद्दा बनाते हुए प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि जिस प्रकार कलेक्टर कार्यालय व माता टेकरी के सामने स्पीड ब्रेकर बनाकर यातायात नियंत्रण किया गया है, उसी तरह नगर निगम के सामने भी उपाय किए जा सकते हैं।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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