देहरीपाल स्थित 220 मेगावाट सोलर प्लांट से चोरी हुई डीसी केबल को मोहन बड़ोदिया पुलिस ने बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया.

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मोहन बड़ोदिया– पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जिला पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत के निर्देशन में एंव अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ,एसडीओपी शाजापुर के नेतृत्व में चोरी की वारदातो पर अंकुश लगाने व अपराधियों पर कार्यवाही करने के संबंध में थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया है। चोरी की घटनाओ पर रोक लगाने के इसी तारतम्य में घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 10.03.2025 को फरियादी इंद्रजीत पिता शंकरलाल मेघवाल प्रोजेक्ट मैनेजर निवासी सोलर प्लांट देहरीपाल ने रिपोर्ट लेख करवाई की दिनांक 09-10 मार्च की दरिम्यानी रात्री में कोई अज्ञात चोर 220 मेघावाट सोलर प्लाट देहरीपाल से 5.5 किलोमीटर कॉपर की सोलर प्लेटो मे लगने वाली डीसी केवल किमती 08 लाख रूपये चोरी कर ले गये। फरियादी की रिपोर्ट पर मोहन बड़ोदिया पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 65/25 धारा 303(2) बी.एन.एस. कायम कर विवेचना में लिया गया।
दौराने विवेचना पुलिस अधीक्षक  यशपालसिंह राजपुत के निर्देशन में एव अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टी. एस. बघेल, एसडीओपी  गोपालसिह चौहान के नेतृत्व में टीम गठित कर सुद्रढ मुखबीर सुचना के आधार पर अज्ञात चोर व चोरी गये मश्रुका की पतारसी की गई, चोरी की बारदात को अंजाम देने वाले आरोपी धर्मेन्द्र पिता तकेसिंह जाति राजपुत उम्र 21 साल,गुलशन पिता बालचन्द्र उम्र 20 साल निवासी गण ग्राम चौमा डाक बंगला व संतोष पिता कालुसिंह उम्र 23 साल निवासी ग्राम गोविन्दा को गिरफ्तार किया जाकर चोरी गयी उपरोक्त 5.5 किलोमीटर कॉपर की सोलर प्लेटो में लगने वाली डीसी केवल किमती करीबन 08 लाख रूपये रूपये की बरामद की गई व घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटर साईकल क्रं. MP 42 ZA 4110 जप्त कर आरोपियो को  न्यायालय शाजापुर पेश किया गया था तथा अन्य अपराध में पुछताछ हेतु एक दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है. बाद आरोपियो को आज दिनांक 18 मार्च को  न्यायालय शाजापुर पेश किया जावेगा। उक्त सराहनीय कार्य में मोहन बडोदिया पुलिस थाना प्रभारी प्रेमकिशोर व्यास,सउनि. सैय्यद मेहमुद अली,प्र.आर. विनोद शर्मा, आर. जितेन्द्रसिंह राजपुत, आर. देवीसिंह दाँगी, आर. सुरेश राठौर, आर. अनिल सेन, चालक आर. सुभाष दाँगी और सुरेश राठौर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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