धामनोद ।माताजी दाहोद में आचार्य श्री सुनील सागर जी संघ से मिलन के लिए बिहार कर रही थी और गुरुवार को सुबह रोड एक्सीडेंट में माता जी की काल समाधि भरण हो गया श्रुत ज्ञान चंद्रिका हरिका 105 स्रोत मति माताजी की आज समाधि हो गई दाहोद के नजदीक में एक दर्दनाक सड़क हादसे में गंभीर घायल हो गई थी इससे उनका आकार समाधि मरणहो गया माताजी दाहोद में आचार्य सुनील सागर जी संघ से मिलन के लिए विहार कर रही थी और गुरुवार सुबह रोड एक्सीडेंट में माता जी की आकाल समाधि मरण हो गया माताजी के आज समय समाधि मरण से सकल दिगंबर जैन समाज व्यथित और दुखी है दिगंबर जैन समाज की ओर से माताजी के चरणों में त्रियबार बार वन्दामि की जा रही है जैन समाज के लोगों ने यह भावना राखी की परमात्मा आपको आगामी भवोमें सिद्धालय में स्थान प्राप्त हो बिहार के समय सुरक्षा इंतजाम की उठी मांगयह गौर मतलब है कि समय-समय पर बिहार के दौरान साधु साध्वी की सुरक्षा की मांग समाज उठाता रहा पूर्व में भी ऐसा सड़क हादसों में हमें कई साधुओं की समाधि वर्ण देख चुके हैं मध्य प्रदेश सरकार ने जरूर इस मांग पर संज्ञान लिया और सरकार की ओर से आश्वत स किया गया कि साधु और साध्वी साध्वियों के बिहार के समय सुरक्षा और रात्रि विश्राम के लिए इंतजाम किए जाएंगे मध्य प्रदेश से प्रेरणा लेकर अन्य राज्यों को भी इस तरह से पुख्ता इंतजाम करने के प्रयास किया जाना चाहिए पूर्व नाम सुशीला देवी था आर्यिका श्रुत मति माताजी का नाम पूर्व में सुशीला देवी हे इनके पिता भी फ़ुगलाल दीक्षित होकर आचार्य कल्प श्रुत सागरजी हुए आपकी माताजी जो दीक्षा लेकर आर्यिका समता मति माताजी बनी थी आपका जन्म 15अगस्त 47 में हुआ था आपने अपने शुरू में व्रत आचार्य धर्मसागरजी से लिए थे आर्यिका दीक्षा धर्मसागरजी से देहली में ली थीदीपक प्रधान की रिपोर्ट



