धामनोद ।श्री शांति वीर शिव धर्माजित
वर्धमान सूरिभ्यो नमः
पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका श्री ज्योति मति माताजी की संयम साधना में 6, दिसंबर से यम संलेखना अंतर्गत आपने चारों प्रकार के आहार का त्याग कर दिया है। 16 दिसंबर को रात्रि 11.37 बजे पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के श्रीमुख से अरिहंत सिद्ध के निरंतर मंत्रोच्चार सुनते हुए बहुत ही निर्मल शांत उत्कृष्ट परिणाम सहित सभी साधूऔ के सानिध्य में समाधी मरण हो गया है। आपके संयम त्याग की कोटिश अनुमोदना करते हैं नमोस्तु आचार्य श्री वंदामी माताजी
परम पूज्य आर्यिका श्री ज्योति मति माताजी के पार्थिव देह की विमान यात्रा डोला 17 दिसंबर 2024 को प्रातः 8:00 बजे सुपार्श्वमति भवन पारसोला से प्रारम्भ होकर साबला रोड स्थित वैराग्य योग दर्शन समाधि स्थल पर अंतिम संस्कार की क्रिया प्रारंभ होगी।
जयंतीलाल कोठारी अध्यक्ष दशा हुमड जैन समाज पारसोला एवं ऋषभ प
चौरी अध्यक्ष वर्षायोग समिति पारसोला ने जानकारी दी


