धामनोद ।मां नर्मदा महाविद्यालय धामनोद में राष्ट्रीय गणित दिवस के उपलक्ष्य में युसीमास अबेकस तकनीक पर व्याख्यान का आयोजन।      

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धामनोद ।मां नर्मदा महाविद्यालय धामनोद में राष्ट्रीय गणित दिवस के उपलक्ष्य में युसीमास अबेकस तकनीक पर व्याख्यान का आयोजन हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमति पूजा मंगल युसीमास अबेकस कोचिंग सेंटर धामनोद की संचालिका,महाविद्यालय निदेशक डॉ मनोज नाहर, निदेशिका श्रीमति रीना नाहर, प्राचार्या डॉ अभिलाषा अष्ठाना द्वारा मां सरस्वती के समक्ष द्वीप प्रज्वलित कर किया गया।
मुख्य अतिथि श्रीमति पूजा मंगल जी ने विद्यार्थियों को युसीमास अबेकस विधि से परिचय करवाया, एवं बताया कि गणित बहुत ही रोचक विषय है इससे हमारे जीवन की कई समस्याओं का समाधान निकल आता है, साथ ही उंगलियों के माध्यम कठिन से कठिन कैलकुलेशन किया जा सकता है।
निदेशक डॉ नाहर ने अपने संबोधन में कहा कि प्रतिवर्ष श्रीनिवास रामानुजन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया जाता है। साथ ही उन्होंने बताया कि यूसीएमएएस अबेकस विधि एक मलेशियन विधि है जिसके द्वारा हम गणित की कोई भी गणना आसानी से कर सकते है। यह गणित के डर से मुक्ति दिलाने के साथ साथ गणित के प्रति रुचि जागृत करने का काम भी करती है।
निदेशिका श्रीमति नाहर ने अपने संबोधन में कहा कि अंतरराष्ट्रीय गणित दिवस के उपलक्ष्य में आज यह सेमिनार आयोजित किया गया है साथ ही विद्यार्थियों को यूसीएमएएस एबैकस पाठ्यक्रम का अध्ययन करने वाले छात्रों पर किए गए शोध और शिक्षा क्षेत्र में इस तरह के नवाचार के परिणामों के बारे में जानकारी दी गई।
प्राचार्या डॉ अष्ठाना ने अपने संबोधन में कहा कि यूसीएमएएस एबैकस विधि विद्यार्थियों के कौशल में वृद्धि प्रदान करती है जिनकी उन्हें समग्र शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार करने और जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास से सामना करने और महानता प्राप्त करने के लिए आवश्यकता होती है।
कार्यक्रम का संचालन प्रो प्रवीण बैरागी ने किया एवं आभार प्रो राखी पंवार द्वारा माना गया।
कार्यक्रम के दौरान विशेष सहयोग प्रो निशा पाठक,प्रो प्रगति सावले,प्रो अंकिता पाटीदार, प्रो कृतिका कुशवाह का रहा।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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