नेताजी के आदर्शों पर चलकर होगी समाजवाद की परिकल्पना साकार
सपा नेताओं ने किया वृक्षारोपण और मिष्ठान वितरण

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ललितपुर। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व रक्षामंत्री भारत सरकार मुलायम सिंह यादव की जयंती जिले भर में धूमधाम से मनायी गयी। इस अवसर पर नेताजी की स्मृति में वृक्षारोपण एवं मिष्ठान वितरण किया गया। इस दौरान आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने नेताजी द्वारा किये गये जनकल्याणकारी कार्यों के बारे में चर्चा करते हुये उनके मुख्यमंत्री व रक्षामंत्री रहते हुये किये गये कार्यों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि रक्षामंत्री रहते हुये मुलायम सिंह यादव ने शहीदों के शवों को सम्मान सहित उनके घर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इसी तरह मुख्यमंत्री रहते हुये किसानों के लिए चुंगी माफ, सिंचाई शुल्क खत्म करने से लेकर कन्या विद्याधन, व्यापारियों के लिए इंस्पेक्टर राज खत्म करना, वकीलों के लिए चैम्बर उपलब्ध कराने और छात्रसंघ चुनाव कराना एवं नकल अध्यादेश खत्म किया जाना ऐसे निर्णय रहे जिन्हें देश में नजीर के रूप में याद किया जायेगा। कहा कि आज देशी की राजनीति में नेताजी की व्यक्तिगत कमी खलती है। यदि नेताजी क सिद्धांतों पर चलकर गरीबों, पिछड़ों व जरूरतमंदों की मदद की जाये तभी समाजवाद की परिकल्पना साकार हो सकेगी। आज नेताजी के जन्म दिवस पर सभी को ऐसा संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष महेन्द्रसिंह यादव, पूर्व अध्यक्ष आल्हाप्रसाद निरंजन, पूर्व सांसद प्रतिनिधि राजेश यादव, इन्द्रपाल सिंह यादव एड., करन पाल, विनोद रायकवार, आधार सिंह यादव, सुरेन्द्र यादव, छक्कीलाल रायकवार, राजू यादव, सचिन शुक्ला, फिरोज, राघवेन्द्र यादव, पवन यादव, देवेन्द्र यादव, दीप राज यादव, गोलू, फूलसिंह कलोथरा, सुरेन्द्र पठारी, जफर खां, रामबाबू पार्षद, बबुआ राजा सहित अनेकों वक्ताओं ने अपने विचार रखे। सभा की अध्यक्षता लक्ष्मी नारायण विश्वकर्मा आचार्यजी ने की, जबकि आभार गिरधारी यादव दाऊ ने व्यक्त किया।
अनुज सिंह ठाकुर ब्यूरो रिपोर्ट

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।