नैनागिरि का वार्षिक मेला महामस्तकाभिषेक और अलंकरण समारोह के साथ हुआ शुभारंभ

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धामनोद। तहसील अंतर्गत देश का सुविख्यात श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र रेशंदीगिरि नैनागिरि का 140 वर्ष से निरन्तर आयोजित होने वाले वार्षिक जलविहार मेला का शुभारंभ शुक्रवार 13 दिसम्बर को महामस्तकाभिषेक और उपाधि अलंकरण समारोह के साथ हुआ। यह समारोह न्यायमूर्ति श्रीमती विमला जी जैन के मुख्य आतिथ्य तथा इंजी. ए. के. जैन भोपाल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
          पहले दिन शुक्रवार को प्रातः 51वें नंबर के जिनालय में विराजमान भगवान नेमीनाथ, आदिनाथ,अजितनाथ की प्रतिमाओं का महामस्तकाभिषेक करने का प्रथम सौभाग्य एस. के. जैन भोपाल तथा विजय कुमार जैन भोपाल परिवार को प्राप्त हुआ । दोपहर में नैनागिरि के विशाल वर्णी सभागार में आयोजित उपाधि अलंकरण समारोह में प्रदेश के अनेक समाज श्रेष्ठियों को नैनागिरि उपाधि से अलंकृत कर प्रशस्ति पत्र, स्वर्ण पदक, स्मृति चिन्ह,शाल श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया, जिसमें मुख्य रूप से सुधीर व श्रीमती रश्मि जैन सतना, सतीस व श्रीमती राशि जैन सतना, इंजी अजित कुमार व श्रीमती ज्योत्सना जैन भोपाल, विजय कुमार व श्रीमती सुजाता जैन भोपाल शामिल हैं। इस मौके पर प्राचार्य सुरेन्द्र कुमार जैन भगवां द्वारा सम्पादित पुस्तक  ” अतीत से वर्तमान तक ” भाग एक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर नैनागिरि के चारों तरफ स्थित अतिशय क्षेत्र, प्राचीन जिनालयों की वंदना करने हेतु ” पारसनाथ समवशरण परिक्रमा वंदना ”  हेतु विविध रूपरेखा को मूर्तरूप देने की महत्वपूर्ण पहल की गई ।
        इस अवसर पर न्यायमूर्ति श्रीमती विमला जी जैन, नैनागिरि ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष सुरेश जैन आईएएस, सुधीर जैन, सतीश जैन सतना, इंजी. ए. के. जैन, इंजी. अजित कुमार जैन भोपाल, ट्रस्ट कमेटी के मंत्री राजेश जैन रागी ने सम्बोधित किया और प्रबंध समिति के मंत्री देवेन्द्र लुहारी ने आभार तथा संचालन प्राचार्य सुमतिप्रकाश जैन ने किया ।
       मेला के आज द्वितीय दिवस शनिवार 14 दिसम्बर को प्रातः 37वें नंबर के जिनालय में विराजमान युगल पार्श्वनाथ भगवान की प्राचीन प्रतिमाओं का महामस्तकाभिषेक का प्रथम सौभाग्य सुधीर जैन सतना, विजय कुमार जैन भोपाल परिवार को प्राप्त हुआ। मेला के अवसर पर सायंकाल व रात्रि में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।

*आज रविवार को रथोत्सव के साथ होगा समापन*

आज रविवार 15 दिसम्बर को मेला के समापन अवसर पर महामस्तकाभिषेक के अलावा दोपहर में विशाल प्रवेश द्वार का शिलान्यास तथा रथोत्सव जलविहार किया जायेगा।

???? वरिष्ठ पत्रकार राजेश जैन रागी रत्नेश जैन बकस्वाहाधामनोद//से दीपक प्रधान की विशेष रिपोर्ट

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।