पवई ।चैत्र नवरात्रि पर लगने वाले मेले को लेकर बैठक संपन्न मां कलेही देवी मंदिर परिसर में हुआ आयोजन

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पवई – आगामी 30 मार्च से चैत्र नवरात्रि पर लगने वाले माता कलेही देवी मंदिर में ऐतिहासिक मेले को लेकर मंगलवार को मंदिर परिसर में एसडीएम समीक्षा जैन की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया,जिसमें मेले के सफल आयोजन को लेकर विभिन्न व्यवस्थाओं हेतु विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी को दिशा निर्देश दिए गए। जिसमें विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग,पीडब्ल्यूडी विभाग,नगर परिषद,वन विभाग को उनके द्वारा की जाने वाली व्यवस्थाओं जैसे मेले में लगने वाली दुकानों, विद्युत, पेयजल स्वास्थ्य, महा आरती,भंडारे, जवारे विसर्जन सुरक्षा व्यवस्था के बारे में भी बताया गया,साथ ही बैठक में आए हुए गणमान्य नागरिकों आदि से मेले को पुनर्जीवित करने के लिए सुझाव भी लिए गए। इस दौरान नगर के वरिष्ठ व अधिमान्य पत्रकार अजीत जैन द्वारा मेले में लोगों का आकर्षण बढ़ाने,मेले को पुनर्जीवित बनाने हेतु बुंदेली लोक गायन व सांस्कृतिक कार्यक्रम का सुझाव रखा गया। जिसको लेकर एसडीएम द्वारा जिला कलेक्टर से अनुमति लेने की बात कही गई । इस दौरान तहसीलदार प्रीति पंथी,थाना प्रभारी त्रिवेंद्र त्रिवेदी,खंड चिकित्सा अधिकारी प्रशांत भदोरिया, मुख्य नगर पालिका अधिकारी तबस्सुम खान,नायब तहसीलदार शिवम गौतम, परियोजना अधिकारी डी सी अहिरवार के साथ मंडल अध्यक्ष निधि पटेरिया, कान्हु राजा, प्रदीप मिश्रा सहित नगर के गणमान्य नागरिक व पत्रकार गण मौजूद रहे।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।