पवई ।टीडीएस 11 ने पवई प्रीमियर लीग के फाइनल मुकाबले में विस्फोटक खरमोरा को दी शिकस्त
ट्रॉफी पर किया कब्जा

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

पवई ।के महाराजा छत्रसाल मैदान में स्वर्गीय दयाशंकर लटोरिया की स्मृति में खेले जा रहे प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला  शुक्रवार को टीडीएस और विस्फोटक खरमोरा के बीच खेला गया। टॉस जीत कर विस्फोटक खरमोरा ने पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। टीडीएस ने निर्धारित 16 ओवर में 151 रन बनाए, जिसके जवाब में विस्फोटक खरमोरा 107 रन ही बना पाई।  टीडीएस ने यह मुकाबला 44 रनों से जीत लिया। मैन ऑफ द मैच राम सिंह रहे,जिन्होंने शानदार अर्धशतक लगाया। मैच में अंपायर की भूमिका में अजयदेव बुंदेला, आदित्य बुंदेला एवं प्रमोद पटेल ने निभाई,स्कोरर रामेश्वर पटेल, जी डी लाइव स्कोर के लिए शाहबाज खान और कमेंटेटर की भूमिका में कुलदीप खटीक,अमन और रोहित शर्मा के द्वारा निभाई गई। फाइनल मैच की विजेता टीम को ट्रॉफी के साथ 51 हजार रुपए की नगद राशि,तो वही उपविजेता टीम को 21 हजार रुपए की राशि के साथ ट्रॉफी प्रदान की गई। आज के मैच के मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी डॉक्टर अमित खरे रहे, उनके द्वारा आज के मैच के लिए एवं खिलाड़ियों के लिए 51000 की नगद राशि प्रदान की गई। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमति राधा सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष बसंत दहायत,मंडल अध्यक्ष निधि पटेरिया,जिला महामंत्री दीपेंद्र सिंह परमार, प्रदेश कार्य समिति सदस्य पुष्पेंद्र पटेल ,प्रदीप मिश्रा रहे इस टूर्नामेंट का आयोजन मनोज लटोरिया,मनीष लटोरिया एवं जन भागीदारी के द्वारा किया गया। टूर्नामेंट के सफल आयोजन में रवि शंकर सिंह,जीतेन्द्र बुंदेला सहित पवई एकादश की पूरी टीम का सराहनीय योगदान रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
What is the capital city of France?

Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।