पवई ।में नवसाक्षरता  परीक्षा संपन्न

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पवई ।विकासखंड में चल रहे सामाजिक चेतना केंद्रों में  दिनांक 16 फरवरी 2025  रविवार को  जिले के समस्त विकासखंड के  साथ-साथ पवई में भी परीक्षा का आयोजन किया जिसमें पवई के सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी  रामभुवन बागरी नवागत विकासखंड स्त्रोत समन्वयक  राजेश पटेल व विकासखंड सहसमन्वयक साक्षरता  रमेश प्रजापति रामभगत दुवेदी जनशिक्षाकेंद्र सहसमन्वयक  मुकेश पाठक ने सभी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया उनके द्वारा यह बताया गया की पवई विकासखंड के 13 जन शिक्षा केन्द्रों के 327       सामाजिक चेतना केंद्रों पर 9500 नवसाक्षर परीक्षा का आयोजन किया गया जिसमें कंट्रोलरूम प्रभारी सौरभ जैन रामस्वरूप अहिरवार सुनीता सैनी  ने बताया कि सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक  9400 नवसाक्षर परीक्षा में शामिल हुए तथा सभी नव साक्षरो  ने बढ़ चढ़ कर परीक्षा में हिस्सा लिया ।रिपोर्टर राम सिंह पवई

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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