पवई ।शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय पवई में कम्प्यूटर ऑन डिमांड एजुकेशन प्रारम्भ*

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पवई ।डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती देने और ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शासकीय पोलिटेक्निक माहाविद्यालय पवई में आयुक्त तकनीकी शिक्षा भोपाल के न निर्देशानुसार “कंप्यूटर ऑन डिमांड एजुकेशन” नामक अभिनव कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और आम नागरिकों को कम्प्यूटर शिक्षा में दक्ष बनाना है ताकि वे वर्तमान डिजिटल युग की आवश्यकताओं को समझ सकें और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
इस कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के प्राचार्य श्री अरविंद कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी श्री पुष्पेंद्र गौतम, एवं सहायक के रूप में श्री दीपचंद अहिरवाल, श्रीमती रमा सोनी, श्रीमती ज्योत्सना पटेल, और श्री प्रशांत कुमार द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
इस कार्यक्रम अंतर्गत विद्यार्थियों को बेसिक कम्प्यूटर, इन्टरनेट का प्रयोग, सीजिटल लाइब्रेरी की जानकारी, कोडिंग की जानकारी, पायथन एवं सी प्लस जैसी कम्प्यूटर की भाषाओं की जानकारी देना है, इसके अलावा संक्षेप में हार्डवेयर में आने वाली समस्याएँ एवं उनके त्वरित समाधान के बारे में भी बताया जाएगा। साइबर सुरक्षा और डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने की तकनीक के बारे में भी विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 05:00 बजे से 06:00 बजे तक शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय पवई के अत्याधुनिक कम्प्यूटर लैब में होगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ न केवल अध्ययनरत विद्यार्थियों को मिलेगा, बल्कि आम नागरिकों और संस्था के बाहर के दसवीं, ग्यारहवीं एवं बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए भी यह एक सुनहरा अवसर है। प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क है और सीटें सीमित हैं। इच्छुक प्रतिभागी महाविद्यालय के कार्यालयीन समय 10:30 से शाम 05:00 बजे तक कम्प्यूटर ब्रांच  में संपर्क कर रजिस्ट्रेशन की कार्यवाही कर सकते हैं।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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