पावन श्रीराम कथा श्रवण ही से कलयुग में मुक्ति मिलेगी = महंत पंडित विपिन बिहारी जी

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

ग्राम रेंगुवा (गढ़ाकोटा) में भव्य श्रीराम कथा का आयोजन
नितिन साहू रहली
गढ़ाकोटा जिला सागर
जिला सागर के रहली विधान सभा में गढ़ाकोटा के समीप ग्राम रेंगुवा में समस्त ग्राम वासियों के सहयोग से सामूहिक रूप से भव्य पावन श्रीराम कथा का आयोजन हो रहा है ।जिसकी विशाल कलश यात्रा निकाली गई और मंदिर परिसर में भव्य पंडाल में कथा शुभारंभ हुई।जिसमे विद्वान कथावाचक श्रीरामकथा रसिक महंत विपिन बिहारी जी महाराज ने अपनी ओजस्वी तेजस्वी तीखी वाणी में रामकथा का शुभारंभ कैसे हुआ इस प्रसंग का वर्णन किया। रामकथा में तुलसी रचित रामचरित मानस,और कविताजलि की चौपाइयों,दोहा के गायन के साथ साथ उनका जनसामान्य की भाषा में भावार्थ समझाया और बताया कि भगवान विष्णु के कितने अवतार पृथ्वी पर हुए है। उन सभी में भगवान के श्रीराम अवतार को ही मर्यादा पुरुषोत्तम क्यों कहा गया है। साथ ही साथ दैनिक जीवन की चर्चाओं और भागवत भजन,आरती,पूजन क्यों आवश्यक है उसका महत्व बताया। अभी वर्तमान में घोर कलयुग चल रहा है जिसमें दुखो,समस्याओं और व्याधियों से मुक्ति एवं भागवत प्राप्ति का एक मात्र सबसे सुलभ साधन है श्रीराम कथा श्रवण करना। जिससे जीवों के जन्म जन्मांतर के पाप धूल जाते है । गढ़ाकोटा क्षेत्र में विद्वान महंत विपिन बिहारी जी की वाणी में प्रथम श्रीराम कथा श्रवण हेतु भक्तों का हुजूम उमड़ रहा है । हजारों की संख्या में भक्त गांव गांव से पहुंच रहे। सभी ग्रामवासी मिलकर प्रेम से सभी व्यवस्थाएं बनकर आयोजन को भव्य बना रहे है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
What is the capital city of France?

Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।