बीना।बृंदावन राय सरल सागर की अठारहवीं किताब गजलों का गुलशन ,का विमोचन एवं
समाज के प्रतिष्ठित लोगों का हुआ सम्मान

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बीना – भोपाल जे के मेडिकल कॉलेज आडीटोरियम में अध्यक्ष जयनारायण चौकसे
मुख्य अतिथि, महापौर मालती राय, विशेष अतिथि डा, राजेश राय पूर्व ज्वाइंट कमिश्नर,श्रीमती कल्पना राय, तथा कार्य वाहक अध्यक्ष बृंदावन राय सरल वरिष्ट कवि साहित्यकार की अठारहवी
पुस्तक गजलों का गुलशन का
विमोचन डा राजेश राय और
पंकज चौकसे कल्पना राय,  प्रकाश राय के कर कमलों द्वारा हुआ। बृंदावन राय सरल ने उसी पुस्तक से दो गजलों का पाठ‌ किया जिसे बहुत सराहा गया।
श्रीमती मालती राय, महापौर।
एम एल राय, एडवोकेट,
राजेश राय पूर्व ज्वाइंट कमिश्नर,
नीलेश राय सीए, भोपाल श्रीमती कल्पना राय,अखिलेश राय
सीहोर,हीरालाल चौकसे, सीहोर,
सुरेश चौकसे भोपाल श्रीमती गुंजन चौकसे,बृंदावन राय सरल सागर सुरेश जायसवाल सीहोर
कुमार जगदलवी,सीमा शिवहरे  नीरज राय पत्रकार बीना दामोदर राय सागर दयाराम राय झांसी,
डा, राधेश्याम जायसवाल बनारस, ईश्वर दयाल गोस्वामी,रहली,अवधेश सक्सेना शिवपुरी,रचना राय बंडा कविता राय जबलपुर,रजनी कटारे जबलपुर,विनोद नयन डा, गणेश राय दमोह,राजीव राय दमोह एवं
बच्चों की कविताओं की किताब,
का भी विमोचन किया गया। सबसे पहले गणेश जी की आरती की गई।
फिर भगवान सहस्त्रबाहु
की पूजा पाठ किया गया।
और सरस्वती वंदना की गई।
फिर समाज के प्रतिष्ठित लोगों के वक्तव्य हुए। फिर
सम्मानपत्र,प्रतीक चिन्ह, शाल, वस्त्र अंग, से सम्मान किए गए।
और फिर करीबन पचास कवियों
ने काव्य पाठ किया।
अंत में सुरेश जायसवाल सीहोर ने आभार व्यक्त किया।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।