बीना। बीना विधायक ने दो समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र का किया शुभारंभ । खिमलासा कृषि उप मंडी पहुंची विधायका।बुजुर्ग किसानों से खरीदी केंद्र का करवाया पूजन।

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बीना।खिमलासा कृषि उपज मंडी में बीना विधायका श्री मति निर्मला सप्रे ने पहुंचकर समर्थन मूल्य खिमलासा केंद्र एवं पथरिया जेगन सरकारी खरीदी केन्द्रों का शुभारंभ किया सहायक समिति केंद्र प्रबंधक नीलेश चौवे खिमलासा खरीदी केंद्र चना,मसूर, सरसों एवं सहायक समिति प्रबंधक विनोद यादव पथरिया जेगन खरीदी केंद्र गेहूं की खरीद शुरू हो गई है। बीना विधायक निर्मला सप्रे को दीप प्रज्ज्वलित पूजन के लिए बुलाया गया तो विधायका ने कहा कि सबसे पहले हमारे अन्य दाता बुजुर्ग किसान पूजन करेंगे। इसके बाद विधायक निर्मला सप्रे ने पूजन किया और कहा कि मेरे अन्य दाता किसानों को कोई परेशानी नहीं होना चाहिए मंडी परिसर में पेयजल उपलब्ध रहना चाहिए मंच का संचालन भाजपा नेता रामनारायण सोनी ने किया। भाजपा मंडल अध्यक्ष खिमलासा चित्तर सिंह राजपूत सहित दर्जनों किसान मंडी परिसर में उपस्थित रहे।

संवाददाता प्रतिपाल राजपूत खिमलासा

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।