बीना का सबसे बड़ा आयोजन माने जाने वाले श्रीराम महाबारात को लेकर श्रीराम झरोखा पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान पंडित रामनाम महाराज ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए आयोजन से जुड़ी जानकारी साझा की।
लोगों को जोड़ने के लिए निकाली जाती है श्रीराम महाबारात
पंडित रामनाम महाराज ने बताया कि श्रीराम महाबारात का आयोजन पिछले 42 वर्षों से हो रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को एकजुट करना और लोगों को भारतीय संस्कृति से जोड़ना है। उन्होंने कहा, “आजकल लोग हमारी परंपराओं और संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं। महाबारात के माध्यम से इन्हें दोबारा जीवंत करने की कोशिश की जाती है।”
उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ी सभी रस्में निभाई जाती हैं, ताकि नई पीढ़ी इन परंपराओं को जान सके। अब तक भगवान की सगाई, गोदभराई, और तिलकोत्सव की रस्में पूरी हो चुका
आगे तेल, मंडल, और हल्दी की रस्मों के बाद श्रीराम चक्रवर्ती महाबारात निकाली जाएगी।
महाबारात में कई राज्यों की झांकियां और कलाकार होंगे शामिल
इस महाबारात में देशभर के कलाकार और झांकियां शामिल होंगी। 100 ध्वज वाहक, 20 घोड़े, 4 ऊंट, नाचने वाले घोड़े, अयोध्या की झांकी, गुजरात की झांकी, पंजाब और हरियाणा के बैंड, दिल्ली और कानपुर के अघोरी नृत्य, मालवा का मयूरी डांस, और डमरू नृत्य आकर्षण का केंद्र होंगे। इसके अलावा, 8 ट्रालों पर झांकियां, 4 अखाड़े, और चलित इंदौरी झांकी भी प्रस्तुत की जाएगी।


