ललितपुर ।जननायक कर्पूरी ठाकुर को कांग्रेसियों ने श्रद्धांजलि दी।

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं


ललितपुर । कांग्रेस कमेटी ललितपुर के तत्वाधान में जिला कांग्रेस कार्यालय पर जिला अध्यक्ष राकेश रजक एडवोकेट की अध्यक्षता में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री समाजवादी नेता जननायक कर्पूरी ठाकुर को याद करते हुए उनकी पुण्यतिथि पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखें इस दौरान प्रदेश सचिव बलवंत सिंह राजपूत ने बताया की कर्पूरी ठाकुर जी गरीबों मजलूमों के लिए मसीहा थे वह एक ईमानदार और स्वच्छ छवि के राजनेता हुए हैं उनका जीवन भारत की राजनीति में सदैव अनुकरणीय रहेगा उनकी जो छवि देखने को मिली वह आज के अन्य राजनीतिग्यों को आईना दिखाने का काम भी सदैव करती रहेगी। जिलाध्यक्ष राकेश रजक ने कहा कि महान नेता कर्पूरी ठाकुर देश की राजनीति में एक मिसाल है जब वह बीमार स्थिति में थे तब प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने उनसे विदेश में जाकर इलाज करने के लिए कहा तब उन्होंने सरकारी पैसे का उपयोग न करने का कहकर इलाज नहीं कराया ऐसे ईमानदार नेता थे उनका घर उनके जीवन पर्यंत एक कमरे का रहा उन्होंने किसी भी प्रकार की सुख सुविधा जनता के पैसे से अपने ऊपर खर्च नहीं की आज देश का माहौल कितना बदल गया है यह किसी से छुपा नहीं है।
इस दौरान नगर अध्यक्ष रफीक अली महिला जिला अध्यक्ष श्रीमती नेहा तिवारी, राजमती जैन,महासचिव पंकज पंडित महासचिव असलम खान, रामनरेश दुबे,उदयभान सिंह,दरोगा राजा, गजेंद्र सिंह परमार , जगभान सिंह बुंदेला,दरयाव सिंह बुंदेला, रीतेश जैन,महेंद्र अहिरवार पनारी, दीपक बौद्ध, रवि राजपूत, राहुल सैन राजपाल रजक, महेश रजक, आदि उपस्थित रहे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ad
What is the capital city of France?

Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।