ललितपुर ।नवनियुक्त कांग्रेस जिला अध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया गया

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ललितपुर –  हाल ही में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के सी वेणुगोपाल द्वारा घोषित उत्तर प्रदेश के कांग्रेस जिला अध्यक्षों की सूची जारी किए जाने के बाद आज दिल्ली से शताब्दी एक्सप्रेस से ललितपुर पहुंचे जिला अध्यक्ष दयाराम रजक का कांग्रेसियों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया सबसे पहले स्टेशन पर पहुंचकर ढोल नगाड़ों के साथ पहुंचे कांग्रेस के ने वर्तमान जिला अध्यक्ष राकेश रजक एडवोकेट के साथ सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं से नवनियुक्त जिला अध्यक्ष का स्वागत किया स्टेशन से निकलने के बाद गाड़ियों के काफिले के साथ सबसे पहले पूर्व सांसद स्वर्गीय सुजान सिंह बुंदेला के घर पहुंच कर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की इस दौरान मध्य प्रदेश के महासचिव चंद्रभूषण सिंह बुंदेला और गुड्डू राजा मौजूद रहे उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाकर जलपान कराया तदुपरांत क्षेत्रपाल जी मंदिर के दर्शन किए और प्रसाद चढ़ाया इसके पश्चात बाबा सदन सहाय की मजार पर जाकर चादर चढ़ाई फिर वाल्मीकि मंदिर में फूल माला पहने और दर्शन कर दो भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थल पहुंच कर उनकी मूर्ति पर हिमालय पर कर वीरांगना अवंती बाई महारानी लक्ष्मीबाई की मूर्ति पर हिमालय पर किया तत्पश्चात श्रीमान मंदिर हनुमान जी महाराज का आशीर्वाद लेने के पश्चात सरदार वल्लभभाई पटेल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बृजनंदन शर्मा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बृजनंदन किलेदार को माल्यार्पण करते हुए गुरुद्वारा पहुंचे वहां आशीर्वाद लेने के पश्चात कांग्रेस कमेटी के कार्यालय पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पूर्व जिला अध्यक्षों के चित्रों पर माल्यार्पण किया पूर्व जिला अध्यक्ष स्व.सनत कुमार दीक्षित, स्व रामनारायण शर्मा, स्व.हरिकिशन बाबा आदि के चित्र पर माल्यार्पण किया गया कार्यालय में निवार्थमन जिलाध्यक्ष राकेश रजक ने सभी कार्यकर्ताओं के समक्ष नवनियुक्त जिला अध्यक्ष को कार्यभार सोप सभी कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट किया और कंधे से कंधा मिलाकर पार्टी का सहयोग करने का आवाहन किया। इस दौरान, निवर्तमान जिलाध्यक्ष राकेश रजक एडवोकेट,पूर्व सांसद प्रतिनिधि सरदार जसपाल सिंह बंटी, पीसीसी आशाराम तिवारी,पीसीसी रामभरोसे कुशवाहा,जाहिर सिंह बघेल, पुनीत देवलिया एडवोकेट ,खलक सिंह राजपूत पूर्व नगर अध्यक्ष हरी बाबू शर्मा, पंकज हुंडैत, राम सिंह यादव,शशीकांत दिक्षित, उपाध्यक्ष मोहन सिंह चंदेल, रामनरेश दुबे,विजय विक्रम सिंह नाती राजा, अखिलेश जैन मलैया, अभिषेक जैन रामसिंह यादव,नगर अध्यक्ष रफीक अली, सुधीर शाहू, रवि राजा, गजेंद्र सिंह मिर्चवारा, राहुल कुशवाहा, साहब सिंह राजपूत, रणवीर सिंह राजपूत, रवि राजपूत, सुशील श्रीवास, दीवान पुष्पेंद्र सिंह लोधी, संदीप सिंह राजपूत, निखिल वर्मा, सुधीर श्रीवास, श्यामसुंदर सिरोठिया, मुन्ना लाल बढ़गाना, नगर अध्यक्ष महरौनी राकेश सेन, हीरालाल सैन, महेश रजक, मुकेश रजक पार्षद, रमेश शहरिया, पूर्व प्रधान देशपत कुशवाहा, अजय कुशवाहा, जयराम राजपूत, सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।