ललितपुर ।भूमि संरक्षण विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार के विरोध में बैठे पार्षद मनमोहन चौबे व ललितपुर जिले के पत्रकार

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ललितपुर । 1 श्री कुलदीप कुमार मानचित्र के द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21  2021 22, 2023 24 की पत्रावलियां कार्यालय से गायब  करोड़ रुपए का किया गया भ्रष्टाचार
2 श्री चंदन सिंह अवर अभियंता के द्वारा अपने गृह जनपद में रहकर NMSA योजना वित्तीय वर्ष 2020-21 ,2021 22 और  2023 24 के अभिलेख एवं पक्के कार्यों  एवं ksy बटवाहो पक्के इनलेट एवं चेकडैम में किया गया भ्रष्टाचार की जांच कराई जाए
3 श्री प्रवीण पाटीदार प्रभारी टी ए के द्वारा ग्राम सिलगन पनारी खितवाश बालाबेहट के खेत तालाबों में फर्जी सत्यापन करते हुए भुगतान को अपने पद पर रहते हुए किया गया भ्रष्टाचार
4 श्री शिवम तिवारी लेखाकार के द्वारा वित्तीय वर्ष 2023 24 में खातों को परिवर्तित कर दलालों के खातों में से करोड़  रूपए की धनराशि का किया गया भ्रष्टाचार
5 श्री जितेंद्र पाटीदार की उपकाई में  NMSA वित्तीय वर्ष 2023 24 झांवर में चयनित क्षेत्र से पृथक पृथक दलालों के खातों में भुगतान कर किया गया भ्रष्टाचार
6 श्री अनिल कुमार पंकज और श्री प्रकाश के द्वारा किसान समृद्धि योजना चुंगी धनगोल रमपुर कठबर के फसलों उत्पादन में  लाभार्थी किसानों को बदलकर किया गया भ्रष्टाचार
7 वित्तीय वर्ष 2024 25 में बहुउद्देशीय आजीविका तालाब ग्राम दूधई  विकासखंड बिरधा एवं सिरोंन कला विकासखंड जखौरा के तालाबों में की गई अनियमित के भ्रष्टाचार की जांच श्री चंदन सिंह अवर अभियंता एवं  टी ए द्वारा किया गया फर्जी सत्यापन
मनमोहन चौबे हरपाल सिंह चंदेल हरी बाबू शर्मा इसराक खान उर्फ नीटू अवनीश कुमार सुल्लेरे अभिषेक बाजपाई सच्चिदानंद गोलवानी शिव प्रताप अनुज सिंह ठाकुर अरविंद कुमार सेन सजल श्रीवास्तव सीताराम पटेल अमित रजक सोनू ताम्रकार वेद प्रकाश लटोरिया हिंदू पद परिहार मिर्चवारा

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।