ललितपुर ।भौंता गांव में श्रद्धालु श्रीमद भागवत की अमृत कथा का कर रहे रसपान

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ललितपुर। तहसील पाली के ग्राम भौंता स्थित श्रीश्री 1008 राम जानकी मंदिर परिसर में श्रीश्री 1008 श्रीमद् भागवत कथा का ग्राम वासियों के तत्वावधान में हो रहा है। श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिन शनिवार को कथा वाचक पं.जगदीश महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला का वर्णन करते हुए कहा कि आत्मा रुपी दही को मथने से ज्ञान की प्राप्ति होती है, उसी तरह श्रीमद् भागवत कथा को श्रवण करने से अमरत्व की प्राप्ति होती है। इसलिये साधक को कर्म, धर्म, भक्ति में परिपूर्ण होना चाहिए। जब पुत्र कुपुत्र हों जाता है और माता-पिता  का तिरष्कार करता है तब वह अपने पूर्व में किये गये कर्मो व गलत संस्कार से ग्रसित मानसिकता से परिपूर्ण होता है। अच्छे संस्कार अच्छे कर्म से प्राप्त होता है। आस्था भगवान में होनी चाहिए। श्रीमद्भागवत कथा सुनने से लोगों को ज्ञान प्राप्त होता है। काम, क्रोध, मोह छोड़ इश्वर के लिए थोड़ा बहुत समय निकालना चाहिए। मानव भक्ति, भाव से भगवान को जपता है वह मानव अमरत्व एवं सुख वैभव को प्राप्त करता है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश अर्जुन से पहले दुर्योधन को सुनाया था। किंतु समझ में केवल अर्जुन को आया। नतीजा क्या हुआ दुर्योधन का विनाश हुआ। इस अवसर पर यजमान तेजकुंवर महेश लोधी, रामरती वीर सिंह, सुमरत ध्यानदास, हरिबाई हनुमत सिंह, राजकुमारी देवेंद्र सिंह, गोदन शिशुपाल, रश्मि रामकिशोर, अनिता देवी भागचंद्र, रमका रविन्द्र व नीलकंठ लॉ एसोसिएट के एड.पुष्पेन्द्र सिंह चौहान, एड मुकेश लोधी करमरा, कमलेश लोधी मर्रोली, धर्मेंद्र लोधी, पत्रकार मोनू विश्वकर्मा के साथ समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहकर श्रीमद भागवत कथा का रसपान किया।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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