लोकसभा की भाजपा प्रत्याशी वानखेड़े की जाति पर पत्रकारों ने खड़े किए प्रश्न चिन्ह

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हम बुंदेलखंड के हैं इसलिए बुंदेला कहलाते हैं वानखेड़े बताएं वो कौन है….गुड्डू राजा

बीते दिवस सागर लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी चंद्र भूषण से बुंदेला गुड्डू राजा ने बिना में कांग्रेसी नेताओं से मुलाकात की और इसके साथ ही विभिन्न मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना संपन्न की इस अवसर पर एक पत्रकार वार्ता के माध्यम से उन्होंने कहा कि कांग्रेस जो कहती है वह करती है उन्होंने कहा की जो लोग कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो रहे हैं वह कमजोर लोग हैं और हमारी कांग्रेस पूरी तरह से मजबूत है कुछ लोगों के जाने से कांग्रेस खत्म नहीं होती उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र में विकास का अभाव है हमारे नौजवान लोगों को रोजगार नहीं है मैं यदि यहां चुना जाता हूं तो बेरोजगारी की समस्या को खत्म किया जाएगा।
इस अवसर पर आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रत्याशी लता वानखेड़े के संबंध में पत्रकारों द्वारा उनकी जाति को लेकर प्रश्न किए गए पत्रकारों ने पूछा कि लता वानखेड़े पहले अनुसूचित जाति के लिए पांच का चुनाव लड़ चुकी है और इसके बाद उन्होंने बिना विधानसभा से भी टिकट मांगा लेकिन अब भी खुद को पिछड़ा वर्ग बता रही है इस विषय में गुड्डू राजा ने कहा कि हम बुंदेलखंड के हैं और बुंदेला है वानखेड़े जी यह बताएं कि वह कहां की है और कौन है। यह पूछे जाने पर कि उनकी जाति प्रमाण पत्र को लेकर कोई आपत्ति लगाई जाएगी क्या इस पर उन्होंने कहा कि हमारे पत्रकार बंधुओ को सब मालूम है और वह ही इस पर आपत्ति लगने के लिए स्वतंत्र हैं और वही आपत्ति लगाएंगे।
भाजपा की प्रदेश नेता वीर सिंह यादव ने कहा कि हम सभी छत्रसाल के वंशज हैं लेकिन वानखेड़े जी बताएं कि वे किसकी वंशज है।

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Hi

*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।