विदेश जाने की चाहत में लड़की ने खुद दोस्तों के साथ मिलकर रची अपने अपहरण की साजिश

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कोटा में नीट की तैयारी कर रही एक लड़की के पिता के पास 18 मार्च को एक मैसेज आया जिससे वह दहल गए। मैसेज में उनकी बेटी की कुछ तस्वीरें थीं, जिनमें उसके हाथ-पैर और मुंह बंधे हुए थे। उसके चेहर पर खून भी लगा हुआ था। मैसेज भेजने वाले ने 30 लाख रुपए की डिमांड की थी। इस किडनैपिंग केस में अब एक-एक कर कई हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं। उसी दिन (18 मार्च) का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें लड़की दो लड़कों के साथ दिख रही है। हालांकि अभी तक लड़की कहां है इसे पता नहीं लगाया जा सका है। पुलिस ने बताया कि अबतक के जांच में यह साफ हो गया है कि छात्रा का अपहरण नहीं हुआ था। बल्कि उसने साजिश रची थी।

शिवपुरी/भोपाल। दरअसल, शिवपुरी में एक स्कूल के संचालक रघुवीर धाकड़ ने गत दिवस अपनी 20 वर्षीय बेटी काव्या की कोटा (राजस्थान) से अपहरण कर लिए जाने की शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि अपहरणकर्ताओं ने वाट्सएप पर बेटी के हाथ-पैर व मुंह बंधा फोटो भेज कर 30 लाख रुपये मांगे हैं। दोस्त ने कथित किडनैपिंग की खींची थी तस्वीरें छात्रा के अपहरण की बनावटी स्क्रिप्ट छात्र के साथी के द्वारा तैयार की गयी थी. पुलिस को जो तस्वीरें मिले थे जिसमें रस्सी एवं अन्य सामग्री नजर आ रही थी और छात्रा के हाथ पैर बंधे हुए जो फोटो खींचे गए थे. वह इंदौर में ही छात्र के दोस्त के कमरे के किचन के बताए जा रहे हैं. कोटा पुलिस के द्वारा यह दावा किया गया है।

पुलिस को पता चला कि कथित अपहृत लड़की इंदौर में अपने दो दोस्तों के साथ रह रही है, जिनमें से एक के साथ विदेश यात्रा भी करना चाहती थी। तब यह खुलासा हुआ कि लड़की और उसका दोस्त विदेश भागना चाहते थे लेकिन उनके पास यात्रा के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे, इसलिए उन्होंने अपनी विदेश यात्रा के लिए फिरौती मांगने के लिए उसके फर्जी अपहरण की योजना बनाई।

यहां तक कि लड़की ने अपने अपहरण को और अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए अपने माता-पिता को भेजने के लिए एक कॉमन फ्रेंड के अपार्टमेंट में अपने हाथ-पैर रस्सियों से बंधे हुए और मुंह को कपड़े से बांधते हुए अपने अपहरण की फर्जी तस्वीरें भी लीं और तीनों दोस्तों के मूल फोन नंबर भी बंद कर दिए गए। पुलिस ने अब महिला और उसके तीन दोस्तों से इंदौर में अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने का आग्रह किया है और राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा ने लड़की की सुरक्षित वापसी के लिए कहा है।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।