विधायक निर्मला सप्रे के इस्तीफे एवं अन्य मांगों को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन 6 को

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बीना (टीएमई न्यूज)। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इंदर सिंह यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि 6 सितंबर को कांग्रेस का प्रदर्शन अंबेडकर चौराहे पर किया जाएगा, जिसमें सोयाबीन व अन्य फसलों की दाम वृद्धि, महिला अत्याचार, बिजली बिलों की अत्यधिक वृद्धि, उर्वरकों की कमी, टूटी पुल पुलिया, सड़कों की खस्ता हालत, दल-बदल के कारण बीना विधायक से इस्तीफे की मांग, हाल में आई बाढ़ के पीड़ितों को सहायता राशि की मांग, बीना जिला बनाओ व बीना क्षेत्र के छूटे हुए गांव बीना नदी परियोजना में जोड़ने की मांग और बीना में बढ़ती गुंडागर्दी के खिलाफ प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जायेगा। जिसमें पूर्व विधायक, प्रदेश पदाधिकारी, पीसीसी डेलिगेट, कांग्रेस के जिला पंचायत के पूर्व व वर्तमान सदस्य, जनपद पंचायत के पूर्व व वर्तमान सदस्य, पार्षद व पूर्व पार्षद, पूर्व ब्लाक/शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्षगण, सभी जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, इच्छुक प्रत्याशी, सभी मंडलम सेक्टर के अध्यक्ष, बीएलए, बूथ प्रभारी, सभी सक्रिय कार्यकर्ता, महिला कांग्रेस, सेवादल, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सभी मोर्चा संगठन और सभी कांग्रेस परिवार की उपस्थिति अनिवार्य है।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।

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