शाजापुर ।प्रधानमंत्री मोदी ने संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक सिंचाई परियोजना का शुभारंभ किया

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शाजापुर-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पार्वती कालीसिंध चंबल लिंक राष्ट्रीय परियोजना अंतर्गत 2 हजार 545 करोड़ रुपए की लागत से संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक सिंचाई परियोजना के निर्माण निर्माण कार्य का शुभारंभ जयपुर से किया गया। जिसका सीधा प्रसारण ग्राम दुपाड़ा में आज मंगलवार दोपहर 2 बजे आयोजित जिला स्तरीय किसान सम्मेलन कार्यक्रम में दिखाया गया। इस परियोजना से कालीसिंध कॉम्पेक्स जिसकी सिंचाई क्षमता 15,500 हेक्टेयर तथा लखुन्दर कॉम्पलेक्स जिसकी सिंचाई क्षमता 25,000 हेक्टयेर का निर्माण किया जायेगा। साथ ही संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक सिंचाई परियोजना से शाजापुर जिले के 66 गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने लगेगा, जिससे जिले के लगभग 20 हजार से अधिक हितग्राही लाभांवित होंगे।
जिला स्तरीय किसान सम्मेलन में विधायक अरूण भीमावद ने संबोधित करते हुए कहा कि जिले में विकास की गंगा बहाने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक सिंचाई परियोजना से शाजापुर जिले के 66 गांवो में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने लगेगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि एवं आर्थिक संपन्नता आयेगी। साथ ही उन्होंने इस परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा हितग्राहियों के लिए अनेको जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने परियोजना के लाभ के बारे में बताते हुए किसानों से कहा कि उन्हें खेती में अब स्प्रींकलर तकनीक को अपना चाहिए जिससे कम पानी में अच्छी खेती कर सकें। इस दौरान उन्होंने शाजापुर विधानसभा में किए गए विकास कार्यो के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही उन्होंने ग्राम दुपाड़ा में सीएम राईज विद्यालय, श्मशान घाट पर टीन शेड निर्माण, दुपाड़ा मार्ग निर्माण व स्ट्रीट लाईट सहित अन्य किए जाने वाले विकास कार्यो की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने संरपंचो से कहा कि वे अपनी ग्राम पंचायतों में 05-05 विकास के कार्य की योजना बनाए, उनके द्वारा इन विकास के कार्यो के लिए सहायता राशि प्रदान की जायेगी। इस अवसर पर उन्होंने विकास के कार्यो में सहयोग के लिए जिला प्रशासन की प्रशंसा कर धन्यवाद भी दिया।
कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने कहा कि संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक सिंचाई परियोजना के निर्माण होने से शाजापुर क्षेत्र की लगभग 35500 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित हो जायेगी तथा जिले के 66 गांवो में किसानों के पास सिंचाई के लिए पर्याप्त रूप से पानी होगा। साथ ही माईक्रोईरिगेशन के माध्यम से स्प्रिंकलर पाईप द्वारा सिंचाई की जा सकेगी। साथ ही साथ जलस्तर बढे़गा तथा गर्मी में पेयजल की व्यवस्था भी बेहतर होगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए दो बैराज बनाए जाएंगे, जिससे जल्द ही क्षेत्र सिंचित हो जाएगा। उन्होंने जनप्रतिनिधिगणों से इस परियोजना की महतता की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने लिए कहा किया। इससे किसानों की आय में बढ़त भी होगी। कलेक्टर सुश्री बाफना ने बताया कि जिले में राजस्व महाअभियान एवं जनकल्याण अभियान संचालित किया जा रहा है, इन अभियान के माध्यम से शासन की समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं में सभी पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जिले के प्रत्येक गांव में जनकल्याण शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने स्वामित्व योजना के बारे में भी विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि शाजापुर जिले में एक सप्ताह में स्वामित्व योजना का कार्य पूर्ण होने वाला है, इस योजना के माध्यम से आबादी क्षेत्र के हितग्राहियों को पट्टा प्रदान किया। इस दौरान वीरेन्द्र पाटीदार, दीपक पालीवाल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन ललित पालीवाल ने किया। कार्यक्रम के पूर्व ग्राम दुपाड़ा में कलश यात्रा भी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुई।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसोदिया, नगरपालिका उपाध्यक्ष संतोष जोशी, दिनेश शर्मा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष प्रदीप चंद्रवंशी,पिछड़ा मोर्चा मंडल अध्यक्ष मनीष प्रजापति,सरपंच प्रतिनिधि सचिन पाटीदार,किरण ठाकुर,गोपाल राजपूत, आशीष नागर,श्याम टेलर,उमेश टेलर,सुमित राठौर,राजेश पाटीदार तथा कार्यपालन यंत्री जलसंसाधन अनमोल टोप्पो,मोहन बड़ोदिया जनपद पंचायत सीईओ अमृतराज सिसोदिया,एसडीओ अंकित पाटीदार, उपसंचालक कृषि केएस यादव, उपसंचालक उद्यानिकी मनीष चौहान सहित जनप्रतिनिधिगण व गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में किसान व महिलाएं मौजूद थी।महेश जैन मोहन बड़ोदिया

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।