संजय तहसील अध्यक्ष व देवेन्द्र बने महामंत्री उ.प्र. जर्नलिस्ट एसोशिएशन की महरौनी तहसील कार्यकारणी का हुआ गठन

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ललितपुर। उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन के तत्वाधान में महरौनी नगर के ब्लाक सभागार में एक बैठक का आयोजन किया गया। संगठन की बैठक दिनेश विदुआ की अध्यक्षता एवम रविशंकर अगरिया व अजय प्रताप सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में आयोजित की गई। बैठक में उ.प्र.जर्निलिस्ट एसोसिएशन जिलाध्यक्ष सूर्यकांत शर्मा ने संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने संगठन में ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकार साथियों से जुडऩे का आह्वान किया। इसी क्रम में रविशंकर अरजरिया ने पत्रकारों के हित मे संगठन के कार्यो का उल्लेख करते हुए कहा कि आज का दौर पत्रकारों को संगठित रहने की मांग करता है। जिससे पत्रकारों पर आई विपत्ति का सामना हम सब मिलकर हल कर सकें। इस दौरान दिनेश विदुआ ने पत्रकारों के मान सम्मान की बात कही। उन्होंने कहा कि जिस संगठन में पत्रकारों का सम्मान हो, पत्रकारों की आवाज बुलंद हो, पत्रकार पर आई विपत्ति में संगठन कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हो, ऐसे उपजा संगठन में हम सभी पत्रकारों को जुडऩा चाहिए। तदोपरान्त महरौनी तहसील इकाई के गठन की प्रक्रिया प्रारम्भ की गई। जिसमें सर्वसम्मति से महरौनी तहसील अध्यक्ष संजय भोंडेले, महामंत्री पद पर देवेंद्र तिवारी का चयन किया गया। तो वहीं सदस्यता प्रभारी शैलेन्द्र नायक, आनंद त्रिपाठी, अजय राजा को एवं मीडिया प्रभारी निशु दुबे को चयनित किया गया। जिला कार्यकारणी सहित समस्त पत्रकारों ने नव निर्वाचित कार्यकारणी को शुभकामनाये प्रेषित की। बैठक में राजीव सिंघई मोनू, आनंद त्रिपाठी, संजय भौडेले, दीपक तिवारी, देवेन्द्रसिंह पटेल, अजय राजा धवारी, जितेन्द्र यादव, नारायण राजा कुम्हैड़ी, सुन्दरलाल कुशवाहा, देवेन्द्र तिवारी, शैलेन्द्र नायक, बब्लू रत्नाकर, प्रदीप चौबे जरया, शंकर, नीशू दुवे, रिषी तिवारी आदि मौजूद रहे। संचालन शैलेन्द्र नायक ने व आभार सुन्दरलाल कुशवाहा ने जताया।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।