समोसा उधारी में देने से मना करने पर ग्राहक ने दुकानदार पर खौलता तेल डाला

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बीना में एक दुकानदार ने उधार में समोसा देने से मना किया तो युवक ने कढ़ाई का खौलता तेल उस पर डाल दिया। दुकानदार 25% आग में झुलस गया। उसके परिजन उसे सिविल अस्पताल ले गए, जहां से दुकानदार को सागर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना सतौरिया गांव की गुरुवार रात की है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक मोहन पिता मिट्ठूलाल चढ़ार उम्र 32 की चाय-नाश्ते की दुकान है। ऋषिराज कुर्मी गुरुवार रात करीब 8:30 बजे अपने दो दोस्तों के साथ समोसा खाने पहुंचा था। इस पर मोहन ने कहा था कि तुम्हारे पहले के करीब 250-300 रुपए उधार पड़े हुए हैं। पहले और अभी के रुपए दे दो। इसके बाद समोसा दूंगा। ये सुनकर ऋषिराज भड़क गया और कढ़ाई का खौलता हुआ तेल उसके ऊपर डाल दिया। मोहन का हाथ, पैर, जांच और पेट बुरी तरह जल गया। बीना थाना पुलिस ने मोहन के बयान दर्ज कर लिए हैं।

आरोपी पर पहले से हत्या का मामला भी दर्ज है।पुलिस के अनुसार आरोपी ऋषिराज कुर्मी ने साल 2020 में एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। इस मामले में वह जेल में था। जमानत पर रिहा हुआ था। अब लोगों को डरा धमकाकर रुपए ले लेता है। हत्या के अलावा उस पर और भी मामले बीना थाने में दर्ज हैं।

बीना की छोटी बजरिया चौकी प्रभारी रामदीन सिंह ने बताया कि घायल मोहन के बयान दर्ज किए गए हैं। उसने आरोपी से पहले के उधार के रुपए मांगे तो आरोपी भड़क गया। पुलिस ने आरोपी ऋषिराज पिता श्रीराम कुर्मी उम्र 26 बर्ष को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ धारा 294, 323, 326, 506 सहित एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज किया है।

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*कुंभकरण की नींद बड़ी या जल संसाधन विभाग की लापरवाही और हठ* *पर्वत सिंह राजपूत* रायसेन/वर्तमान समय में गेहूं की फसल के लिए खेत खाली हैं और गेहूं बुबाई हेतु खेतों की जुताई चालू है परंतु जो किसान डैम और नहरों पर निर्भर हैं उनके सामने गेहूं की फसल बोने की समस्या उत्पन्न होने वाली है क्योंकि डैमो से निकलने वाली नहर से खेतों तक पानी पहुंचता है वो नहरें जर्जर अवस्था में पड़ी है ! जबकि इस मामले में पिछले कई महीनो में कई बार रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा जी ने भी विभाग को निर्देशित किया था कि किसानों को पर्याप्त पानी मिले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाए परंतु लगता है जल संसाधन विभाग कलेक्टर से बड़ा हो गया है क्योंकि अभी तक नहरों की साफ सफाई नहीं हुई है जिससे कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जा सके। चाहे वह अमरावद डैम हो चाहे बनछोड़ डैम हो चाहे सोडारा डैम हो सभी डेमो के नहरों की हालत खराब है! एक दो जगह देखने में आया है नहरों मे साफ सफाई कराई जा रही है जबकि कई नहरे और उनके ऊपर अंडर पास ऐसे हैं जो टूटे हुए हैं और उनसे पानी लीकेज हो रहा है जबकि 1 नवंबर तक डैम के द्वारा नहरों को दुरुस्त करके पानी की सप्लाई शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही की वजह से अभी तक नहरों में पानी सप्लाई नहीं हो सका है। ना तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ लेने को तैयार है और ना ही जल संसाधन अधिकारी।जब जिला मुख्यालय पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की ऐसी उदासीनता देखने को मिल रही है और नहरों के यह हाल है तो सोच सकते हैं कि पूरे जिले की स्थिति क्या होगी। जबकि नहरों की शिकायतों हेतु विभाग से लेकर कलेक्टर तक किसानों ने शिकायत की है और कई जगह 181 पर शिकायत की गई है! परंतु मजबूर और परेशान किसानों की सुनने वाला शायद कोई नहीं।