श्री रामानंद आश्रम गौहर धाम में सर्व ब्राह्मण समाज का होली मिलन कार्यक्रम रखा गया। यह पहला अवसर था, जब इतना भव्य आयोजन रखा गया,कार्यक्रम का शुभारंभ महामंडलेश्वर श्री सियारमण दास जी महाराज, पंडित श्री जगदीश जी त्रिपाठी, श्री राकेश पाठक जी, रामायणी पंडित श्री जगदीश तिवारी जी, पण्डित श्री नवीन जी पालीवाल अध्यक्ष सर्व ब्राह्मण समाज मंडी बामोरा ने श्री जगदीश स्वामी जी का पूजन आरती कर शुभारंभ किया। समिति अध्यक्ष नवीन पालीवाल जी ने श्री महंत महामंडलेश्वर श्री सियारमण दास जी महाराज का शॉल श्रीफल से स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया। परम पूज्य गुरुजी ने सभी विप्र बंधुओं का गुलाल लगाकर स्वागत किया। सभी विप्र बंधुओं ने महाराज श्री से आशीर्वाद प्राप्त कर होली उत्सव मनाया। होली के अवसर पर सभी नृत्य गान करते रहे इसके पश्चात सामाजिक कार्यों को लेकर चर्चा हुई महामंडलेश्वर जी ने पंडित नवीन पालीवाल द्वारा ब्राह्मण समाज के उत्थान में किये गये। कार्यों की प्रशंसा की उन्होंने कहा कि गत वर्ष भगवान परशुराम का जन्मोत्सव इतने भव्य तरीक़े से मनाया गया था ऐसा कार्यक्रम पहले कभी नहीं हुआ जिसकी प्रशंसा सभी जगह हुई उन्होंने नवीन पालीवाल की पूरी टीम एवं पंडित जगदीश त्रिपाठी जी के मार्गदर्शन की ख़ूब प्रशंसा की। इसके बाद पंडित जगदीश त्रिपाठी जी ने अपने उद्बोधन में समाज को एक सूत्र में पिरोने के पण्डित नवीन पालीवाल के प्रयासों की सराहना की इसके पश्चात पंडित नवीन पालीवाल जो पिछले 10 वर्षों से सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष थे उन्होने अपने उद्बोधन में सभी सामाजिक बंधुओं के द्वारा प्रत्येक कार्यक्रम में जो सहयोग प्राप्त हुआ उसके लिए सभी का धन्यवाद दिया और आगे भी सहयोग देने की प्रार्थना की, उन्होंने कहा कि मैं पिछले 10 वर्षों से समाज का अध्यक्ष हूँ, अब हमारे अन्य सामाजिक बंधुओं को यह दायित्व सौपने का आग्रह करता हूँ, जिससे सभी मार्ग दर्शक मंडल के सदस्यों ने स्वीकार करते हुए पंडित श्री जगदीश तिवारी जी धंसरा वालों को सर्व ब्राह्मण समाज का अध्यक्ष मनोनीत किया एवं पंडित शरद तिवारी को उपाध्यक्ष और पंडित राकेश शास्त्री को सचिव मनोनीत किया गया कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विप्र बंधु उपस्थित रहे कार्यक्रम में पंडित राजीब शास्त्री पंडित शिवकांत भार्गव पंडित राजु मिश्रा पंडित घनश्याम पटैरिया पंडित संदीप शास्त्री पंडित जितेंद्र देवलिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में महाराज श्री के कृपापात्र पंडित राकेश पाठक रामायणी ने भी आशीष वचनों के माध्यम से कार्यक्रम का आभार प्रकट किया।


